विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ व शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। तहसीलों में लेखपालों के कक्षों में रोज की तरह ताले लटकते रहे। जिले भर की सभी तहसीलों के लेखपाल कलेक्ट्रेट में धरने में जाकर शामिल हुए। यहां जिलाध्यक्ष विकास सचान व जिला मंत्री वृजेश दीक्षित ने कहा कि इस बार आर पार की लड़ाई है। लेखपाल डरने या दबने वाले नहीं हैं।
प्रशासन व शासन उत्पीड़न करने के बजाय लेखपालों को उनका हक दे। तभी कार्य बहिष्कार बंद होगा। उन्होंने कहा कि लेखपालों को कार्रवाई का डर नहीं है क्योंकि इस बार मांगे मनवाकर ही शांत होंगे। उधर अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिवशंकर गुप्ता ने बताया कि लेखपालों से वार्ता की गई है। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया है पर कोई नतीजा नहीं निकला है। हड़ताल जारी रहने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
उधर बेसिक शिक्षा विभाग व डीआईओएस कार्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी दरी बिछाकर धरना देते रहे। कर्मचारी नेता जसीम अहमद व मो. अंसार ने कहा कि कर्मचारी एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं। दोनों ही कार्यालयों में कोई काम नहीं हो रहा है। इससे जनता को होने वाली परेशानी व सरकारी योजनाओं के बाधित होने के लिए निदेशालय जिम्मेदार है। जब तक मनमाने तरीके से किए गए गलत तबादले निरस्त नहीं होंगे तब तक आंदोलन चलता रहेगा। इस बार कर्मचारी कोरे आश्वासन से नहीं मानेंगे, बल्कि न्याय मिलने पर ही हड़ताल खत्म होगी।