उत्तर प्रदेश पुलिस की करतूतें कम होने का नाम नहीं ले रही। बुलंदशहर में दुष्कर्म पीड़ित किशोरी को हवालात में डालने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि अब बिजनौर पुलिस ने भी ऐसी ही करतूत कर डाली।
अफजलगढ़ थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म से पीड़ित किशोरी को थाने में बंद करके पीटा।
दुष्कर्म के आरोपी दो युवकों को भी छोड़ दिया गया। एसपी जब जांच के लिए थाने पहुंचे तो आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की गई। एसपी ने थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला ने सोमवार को बिजनौर पहुंचकर एसपी से शिकायत की कि थी कि गुरुवार से उसकी बेटी घर नहीं लौटी। तलाश के दौरान शुक्रवार दोपहर गांव के पास किशोरी बदहवास अवस्था में मिली। किशोरी ने बताया कि दो आरोपी युवक उसे ले गए थे और उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला का आरोप है कि जब वह शिकायत करने थाने गई तो पुलिस किशोरी व उसके पिता को उठाकर थाने ले गई।
वहां पर किशोरी को एक कमरे में बंद कर दिया। एसओ की मौजूदगी में किशोरी को महिला पुलिस से पिटवाया गया। पुलिस ने किशोरी के पिता को डराया धमकाया कि रिपोर्ट दर्ज कराने से उनकी बदनामी होगी।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और ना ही किशोरी का मेडिकल कराया। महिला का आरोप है कि पुलिस ने दोनों आरोपी युवकों को भी थाने बुला लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया।
एसपी सुनील वाजपेयी मामले की जांच के लिए सोमवार देर शाम खुद थाने पहुंचे और दोनों आरोपियों राशिद उर्फ गुड्डू और अनीस उर्फ शेट्टी के खिलाफ रिपोर्ट कायम कराई।
एसपी के अनुसार प्रकरण काफी गंभीर है। अफजलगढ़ थानाध्यक्ष रामजीलाल, दारोगा राशिद और महिला आरक्षी सिमरनजीत कौर को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने खुद थाने जाकर इस मामले की जांच की है।