‘मैं रुद्रप्रयाग से बोल रहा हूं, तुम्हारे भाई भाभी का फोटो हमारे पास है, तुम मेरठ के रहने वाले हो, हम तुम्हारी मद्द करना चाहते हैं मगर हमारा क्या फायदा होगा’। सीधे शब्दों में कहा जाए, तो दंपति को लौटाने में मदद करने के नाम पर रकम की डिमांड।
ये डिमांड उस परिवार से की जा रही है, जो केदारनाथ गए दंपति के लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फोन करने वाले के बारे में पीड़ित परिवार ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की, जिस पर उत्तराखंड के एडीजी बीएस सिद्दू को मामले की जांच सौंप दी गई है।
रिटायर्ड एबीएसए गिरीश शर्मा और उनकी पत्नी प्रमिला शर्मा 10 जून को चारधाम की यात्रा पर गए थे। गिरीश शर्मा के भाई सतीश शर्मा ने बताया कि 15 जून की सुबह 10 बजे गोरीकुंड पहुंचने पर उन्होंने फोन से घर पर बातचीत की, मगर उसके बाद वह लापता हो गए।
तब से आज तक उनका कुछ पता नहीं चला। उन्हें तलाशने के लिए परिवार के लोग कई बार उत्तराखंड गए। इसी बीच गत चार जुलाई को गिरीश शर्मा के बेटे दानेश शर्मा के मोबाइल पर बीएसएनएल के नंबर से कॉल आई। कई बार कॉल हुई, मगर दूसरी तरफ से कोई बोला नहीं। दानेश ने यह बात अपने चाचा सतीश शर्मा को बताई और फिर नंबर की आईडी निकलवाई गई। इस पर मालूम चला कि यह नंबर किसी हनुमंत कुमार निवासी सिंघाटा पोड़ी वन का नंबर है। नंबर की लोकेशन फाटा की मिली।
अगले दिन पांच जुलाई को दूसरे नंबर से कॉल आई। उसने कहा कि मैं रुद्रप्रयाग से बोल रहा हूं और फोर्स में कमांडो हूं। उसने सतीश शर्मा से कहा कि तुम्हारे भाई भाभी का फोटो हमारे पास है, हम तुम्हारी मदद करना चाहते हैं, मगर आप भी कुछ सोचो। सतीश ने कहा कि तुम्हें जो चाहिए, बता दो। इसके बाद फोन काट दिया। उस नंबर की लोकेशन निकलवाई, तो वह जुड्डी पोड़ी की आई। फिर दोबारा से फोन करने वाले उस शख्स से संपर्क नहीं हुआ। सतीश शर्मा का कहना है कि फोन करने वाला कोई मददगार हो सकता है, लेकिन हमारी बातचीत भैया भाभी से नहीं कराई गई। इस कारण फोन करने वाले पर शक हो रहा है कि वह कोई धोखेबाज तो नहीं।
हो सकता है ठग गिरोह भी
सतीश शर्मा से एसपी रुद्रप्रयाग ने ऐसी आशंका भी जताई कि फोन करने वाला कोई धोखेबाज भी हो सकता है। क्योंकि ऐसे मामले पकड़े भी हैं, जिसमें लापता लोगों के परिजनों को उनके अपनों से मिलवाने का वादा करके ठगी का प्रयास करते हैं।