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मंत्रियों के फर्जी लेटर हेड से बुक कराता था एसी टिकट

Mon, 03 Jun 2013 03:03 PM IST
ब्यूरो
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केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों के फर्जी लेटर हेड पर ट्रेनों में वीआईपी बर्थ लेने वाले जालसाज का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
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यह जालसाज उत्तर रेलवे के लखनऊ कार्यालय में वीआईपी बर्थ के लिए आए दिन अलग-अलग मंत्रियों के लेटर हेड का इस्तेमाल करके बर्थ हासिल करता था।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने मामले की जांच विजिलेंस से कराने का अनुमोदन किया था। जांच में मामला सही पाया गया। दिल्ली पुलिस ने जांच में जौनपुर के एक एजेंट का हाथ पाया है।

जांच में केंद्रीय मंत्री एस जयपाल रेड्डी, आनंद शर्मा, केसी वेणु गोपाल, बसपा के सांसद ए. राजन नाम के दो आवेदन फर्जी पाए। जबकि सांसद रमाकांत यादव और जगदानंद के लेटर हेड सही पाए गए। जालसाज एजेंट टिकट कराने के लिए इलाहाबाद, लखनऊ, जौनपुर व वाराणसी में फैक्स करके बर्थ मांगता था।
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उत्तर रेलवे की विजिलेंस ने पूरे मामले को दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था। दिल्ली पुलिस पिछले कुछ माह से मामले की जांच कर रही थी। टीम ने सभी मंत्रियों से संपर्क किया तो मामले का खुलासा हुआ।

मंत्रियों ने साफ इनकार करते हुए कहा कि रेलवे में वीआईपी बर्थ के लिए जाने वाले आवेदनों में उनके निजी सचिव अपने हस्ताक्षर करते थे। जबकि दो सांसदों ने लेटर हेड पर अपने हस्ताक्षर की बात सही बताई, जांच में उनके हस्ताक्षर भी सही पाए गए।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अश्विनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अक्सर दिल्ली से इन्हीं मंत्रियों व सांसदों के नाम से अलग-अलग वीआईपी ट्रेनों में बर्थ मांगी जाती थी। जब उनके यहां संपर्क किया गया तो संबंधित लोगों ने किसी भी बर्थ के लिए आवेदन करने से साफ मना कर दिया।

कैसा पकड़ी गई जालसाजी
जौनपुर में बैठे जालसाज को पकड़ने के लिये रेलवे के अफसरों ने जाल बिछाया था। विजिलेंस के कहने पर एजेंट द्वारा भेजे गये लेटर हेड पर बनारस से चलने वाली एक ट्रेन में वीआईपी कोटे से बर्थ दे दी गई।

जब इस सीट पर बैठे यात्री से विजिलेंस ने पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। यात्री ने बताया कि उसका टिकट मात्र 408 रुपये का था, लेकिन जौनपुर के एजेंट ने उससे कंफर्म टिकट देने के नाम पर 900 रुपये लिये थे। जब संबंधित एजेंट से फोन पर संपर्क किया गया तो उसने साफ इंकार कर दिया। टीम ने छापा मारा तो एजेंट अपना कार्यालय बंद करके फरार हो चुका था।
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जौनपुर से भेजे गये फैक्स पर आता था दिल्ली का नंबर
जौनपुर के शातिर एजेंट द्वारा जो फैक्स मंत्रियों व सांसदों के लेटर हेड पर भेजे जाते थे वह दिल्ली के पार्लियामेंट्री एनेक्सी के होते थे। यहां मंत्रियों के कार्यालय हैं। ऐसे में अफसरों को शक नहीं होता था। दिल्ली पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों से मदद लेकर यह भी देख रही है कि यह कैसे संभव था कि जौनपुर में बैठा आदमी दिल्ली के नंबरों से कैसे फैक्स करता था।
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