पहाड़ों पर आई प्रलय ने गाजियाबाद को भी हिलाकर रख दिया है। यमुना और हिंडन में लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते जिला प्रशासन ने 26 गांवों में हाई अलर्ट घोषित किया है।
पल-पल बढ़ रहे जलस्तर और इससे प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने को जिले में चार बाढ़ नियंत्रण चौकियों की स्थापना की गई है। सभी चौकियों पर 24 घंटे स्टाफ तैनात रहेगा।
डीएम एसवीएस रंगाराव ने बताया कि यमुना की बाढ़ से सबसे ज्यादा खतरा लोनी के गांव नौरसपुर, अल्लीपुर, मीरपुर हिंदु, नवादा, बदरपुर, खानपुर जप्ती, हरमपुर, इलायचीपुर, पचायरा, पावी सादकपुर, हकीकतपुर उर्फ खुदा बांस, बेहटा हाजीपुर, सादाबाद डूगरावली, दीनानाथपुर पूठी, धरौटी खुर्द, सादुल्लाबाद को है। हिंडन किनारे स्थित गांव करहैडा, घूकना, रजापुर और अर्थला को भी संवेदनशील घोषित किया गया है।
यमुना और हिंडन में लगातार बढ़ जलस्तर के मद्देनजर पचायरा पुस्ता, पावी सादकपुर स्थित सरदार पटेल जूनियर हाई स्कूल, बेहटा हाजीपुर स्थित प्राइमरी स्कूल नंबर-2 और अर्थला स्थित कैलाशवती इंटर कालेज में बाढ़ नियंत्रण चौकी बनाई गई है।
अधिकारियों की 24 घंटे ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। इनमें नगर पंचायत लोनी, खंड विकास, पावर कारपोरेशन, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल निगम और पुलिस विभाग से अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।