उसी लड़की के संबंध मनीष निवासी कटरई नगला मान सिंह से भी थे। प्रदीप उस लड़की से शादी करना चाहता था। वह लड़की भी प्रदीप से शादी करना चाहती थी, लेकिन मनीष उस लड़की से बात करना बंद नहीं कर रहा था। प्रदीप व लड़की ने भी मनीष को समझाया, लेकिन वह नहीं माना।
प्रदीप ने बताया कि छह अगस्त को हम तीनों के बीच कॉफ्रेंस काल पर बातचीत हुई। मनीष से कहा कि हम लोग शादी करेंगे, अब आप बात न किया करें। इस पर मनीष ने गालियां देनी शुरू कर दी। प्रदीप ने कॉल को काट दिया। आठ अगस्त को मनीष ने फिर से फोन पर प्रदीप को गालियां दी। इस पर प्रदीप आक्रोशित हो गया। उसने मनीष को व उसके घर वालों को देख लेने की धमकी दी।
आरोपी प्रदीप को पता था कि मनीष की मां नगला केकन में पढ़ाने जाती हैं। आठ अगस्त को प्रदीप ने जुनून में आकर पहले से ही चरी के खेत में घात लगाकर मृतका कुसुमलता के आने का इंतजार करने लगा। जैसे ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुमलता चरी के सामने आई तो प्रदीप ने पीछे से धक्का देकर कटी चरी में ले जाकर छुरा से लगातार वार करके हत्या कर दी और वहां से फरार हो गया।
सीओ राजवीर सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी महेश कुमार, एसएसआई जयचंद्र शर्मा, एसओजी प्रभारी नितिन त्यागी ने अपनी टीम लगाकर हत्यारोपी तक पहुंचे। उसे बीती रात नौ बजे डिवाईची मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है।