चिता के पास गुमशुम बैठा था
जलती चिता में लेट गया गौरव
चिता जलने लगी तो धीरे-धीरे करके लोग लौटने लगे। एक-एक करके गांव के लोग, रिश्तेदार, परिवार के लोग वहां से घर को जाने लगे। लेकिन गौरव वहीं चिता के पास शांत बैठा था। शायद वह दोस्त की मौत को बर्दाश्त नहीं कर सका था। अचानक वह उठा और चिता में छलांग लगा दी। वह जलती चिता में जिंदा ही लेट गया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम
लोगों ने देखा तो अफरातफरी मच गई। लोग भागकर पहुंचे लेकिन आग की लपटें काफी तेज थीं। लोगों ने पास में पड़े अर्थी के बांस की मदद से गौरव को बाहर निकाला। तब तक वह बुरी तरह जल चुका था। लोग उसे लेकर तत्काल अस्पताल के लिए भागे। लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही गौरव ने दम तोड़ दिया। अपने जिगरी दोस्त के साथ वह भी इस दुनिया को अलविदा को कह चुका था। अब बस लोगों के जुबान पर हैं तो दोनों दोस्तों की कहानियां।
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अशोक को पांच बेटियां हैं
गौरव के भाई कमल सिंह ने बताया कि मढैया नादिया निवासी अशोक, ढोलक बजाने का शौकीन था। जबकि, गौरव, मजीरा बजाता था। दोनों दोस्त मंडली में साथ जाते थे। ढोलक और मंजीरा बजाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा देते थे। दोनों दोस्त अब इस दुनिया में नहीं रहे। एक दोस्त की चिता ठंडी हो गई, लेकिन दूसरे की देर रात जली। बताया कि अशोक को पांच बेटियां हैं। उसने एक की शादी कर दी थी। बाकी चार अभी पढ़ाई रही हैं।