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साप्ताहिक बंदी का करेंगे अनुपालन,आठ घंटे चलेगा काम

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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में संचालित चूड़ी कारखानों में अब प्रति पाली अब आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं होगा। साप्ताहिक बंदी का भी कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। कच्चे माल व गैस के दामों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी एवं मंदी की मार से जूझ रहे कांच चूड़ी उद्योग जगत सोमवार को हुई एक आपात बैठक के दौरान यह निर्णय लिया। बैठक चूड़ी कारखानेदारों के संगठन द ग्लास सिंडिकेट ने बुुलाई थी।
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मंदी की मार से जूझ रहे चूड़ी उद्योग पर कच्चे माल एवं गैस के दामों में हुई बढ़ोतरी से दोहरा दवाब है। उत्पादन प्रक्रिया सुचारु रहने एवं अपेक्षानुरूप उठान नहीं होने के कारण कारखानों में सादा चूड़ी का स्टॉक जमा होते दिख रहा है। गैस के दामों में प्रति घनमीटर 40 रुपये की बढ़ोतरी के अलावा सोडा-एस व अन्य केमिकल के दामों में भी 25 से 30 प्रतिशत तक की बढोतरी हो चुकी है। इस कारण प्रति तोड़ा चूड़ी की लागत भी बढ़ गई है। उपरोक्त हालातों से निपटने के लिये ग्लास सिंडिकेट चूड़ी कारखानेदारों की आपात बैठक बुलाई। बैठक के दौरान मौजूद चूड़ी कारखानेदारों ने सर्व सम्मति से चूड़ी कारीगरों से केवल आठ घंटे काम लेने एवं साप्ताहिक बंदी दिवस रविवार के दिन उत्पादन प्रक्रिया बंद करने का निर्णय लिया गया। फिरोजाबाद क्लब में आयोजित बैठक में सिंडिकेट चेयरमैन हनुमान प्रसाद गर्ग, ललितेश जैन, राकेश, हेमंत अग्रवाल चॉयस, अनिल जैन, जानकी प्रसाद, अनिल उपाध्याय, संजय जैन घंटू एवं लोकेश कुमार मौजूद रहे।
प्रति तोड़ा चूड़ी की दर में फैसला इसी सप्ताह
कच्चे माल के दामों व गैस की दरें बढ़ जाने के कारण तैैयार चूड़ी की लागत बढ़ गई है। समस्या से निपटने के लिए कारखानेदारों ने इसी सप्ताह दोबारा बैठक आहूत करने एवं नई दरों की घोषणा करने की बात कही है।
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वर्तमान हालातों से निपटने के लिए साप्ताहिक बंदी का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा चूूड़ी गुणवत्ता सुधार को प्रत्येक पाली में आठ घंटे ही काम होगा। नियम की अनदेखी पर अगर किसी इकाई के विरुद्ध प्रशासन कार्रवाई करेगा। तो ग्लास सिंडिकेट की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
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हनुमान प्रसाद गर्ग, चेयरमैन द ग्लास सिडिंकेट
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