सुहागनगरी की हवा में फिर बढ़ी कार्बनिक तत्वों, धूल की मात्रा
फिरोजाबाद। सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता में फिर से गिरावट आ रही है। हवा में धूल के कण और कार्बनिक तत्वों की मात्रा बढ़ने के कारण वायु गुणवत्ता बृहस्पतिवार को बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई। 305 एक्यूआई दर्ज किया गया। दोपहर को भी धुंध दिखाई दी। टीटीजेड एरिया फिरोजाबाद में हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों की मात्रा में फिर से इजाफा होना शुरू हो गया है। बुधवार से शुरू हुआ हवा की सेहत में गिरावट का क्रम बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। नगला भाऊ पर स्थापित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम की रिपोर्ट चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई।
हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों की मात्रा
हानिकारक तत्व सामान्य स्थिति वर्तमान स्थिति
पीएम-2.5 82 माइक्रो मिलीग्राम 500 माइक्रो मिलीग्राम
पीएम-10 104 माइक्रो मिलीग्राम 483 माइक्रो मिलीग्राम
एनओ-2 28 माइक्रो मिलीग्राम 69 माइक्रो मिलीग्राम
कार्बनिक तत्व 12 माइक्रो मिलीग्राम 131 माइक्रो मिलीग्राम
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दोपहर में छाई धुंध
हवा में घुलनशील हानिकारक तत्वों पीएम-2.5 और पीएम-10 की मात्रा में इजाफा होने के कारण दोपहर करीब 12 बजे से 3 बजे के बीच असमान में धुंध जैसी स्थिति देखने को मिली। इस दौरान सामान्य दृश्यता में कमी जैसी स्थिति देेखने को मिली।
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वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए रायशुमारी होगी अहम
फिरोजाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली व टीटीजेड एरिया फिरोजाबाद में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए आमजन, पर्यावरण प्रेमियों व पर्यावरणीय तकनीक विशेषज्ञों से सुझाव मांगे जाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा गत 16 दिसंबर को जारी निर्देशों के तहत एनसीआर के अलावा टीटीजेड एरिया में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सुझाव आमंत्रित करने एवं परीक्षण के बाद उन पर अमल किए जाने को कहा है।
एनसीआर से सटे टीटीजेड एरिया खास तौर पर औद्योगिक नगरी आगरा-फिरोजाबाद में वायु गुुणवत्ता में सुधार के लिए अब आमजन, पर्यावरणविदें के सुझावों पर भी ठोस अमल होगा। 16 दिसंबर 2021 को उच्चतम न्यायालय द्वारा पर्यावरण प्रदूूषण संबंधी एक मामले की सुनवाई करते हुए इस बाबत विस्तृत आदेश जारी किया है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. मनोज कुमार चौरसिया के मुताबिक उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार पर्यावरणीय सुधार एवं वायु गुुणवत्ता में सुधार के लिए आम नागरिकों व पर्यावरणविदें से भी सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।