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पांच माह बाद खुले प्राइमरी स्कूल, छात्र संख्या 20 फीसदी ही रही

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टूंडला के प्राथमिक विद्यालय पीपरिया में बच्चों को पढ़ाती शिक्षिकाएं - फोटो : TUNDLA
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फिरोजाबाद। कोरोना की दूसरी लहर से हल्की राहत के बाद प्राइमरी स्कूल फिर से खुल गए। पांच माह बाद छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे। छात्र-छात्राओं का स्कूलों में तिलक लगाकर और तालियां बजाकर स्वागत किया गया। हालांकि जनपद में फैले डेंगू और वायरल का असर स्कूलों में देखा गया। सरकारी और निजी स्कूलों में छात्र संख्या कुल 20 फीसदी रही। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में डेंगू और वायरल फैलने का असर सबसे ज्यादा दिखा।
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एक सितंबर से प्राइमरी स्कूल खुलने थे। मगर डेंगू और वायरल के कारण डीएम ने एक सप्ताह का अवकाश बढ़ा दिया था। मंगलवार को जब विद्यार्थी स्कूल पहुंचे तो खुशी का ठिकाना न रहा। पहला दिन होने के कारण स्कूलों वाहन नहीं पहुंचे तो अभिभावकों को ही स्कूल छोड़ने फिर लेने जाना पड़ा। शहरी क्षेत्र में छात्र संख्या बहुत कम दिखाई दी। डेंगू और वायरल के बढ़ते प्रकोप के कारण अभिभावक अपने बच्चों को पहले दिन स्कूल भेजने को तैयार नहीं हुए। बुखार प्रभावित इलाकों के स्कूलों में पांच से 10 फीसदी ही बच्चे पहुंचे। बीएसए अंजलि अग्रवाल भी स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए पहुंची। परिषदीय स्कूलों में एमडीएम भी पकाया गया।
स्कूलों में लुभाने को लगाए झूले
लंबे समय बाद बच्चे स्कूल पहुंचे। बच्चों का मन स्कूल में लगा रहे। ऐसे में उन्हें लुभाने के लिए झूले लगाए गए। बच्चे भी अपने दोस्तों से मिलकर खुश हुए। ऑनलाइन कराए गए कार्य को चेक किया गया।
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- स्कूलों में छात्र संख्या बेहद कम रही है। 20 फीसदी ही विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। हमने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि विद्यालय में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। -अंजलि अग्रवाल, बीएसए
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