शहर की एक इकाई में माउथ ब्लोइंग आयटम तैयार करते कामगार। स्त्रोत: उद्यमी
- फोटो : शहर की एक इकाई में माउथ ब्लोइंग आयटम तैयार करते कामगार। स्त्रोत: उद्यमी
फिरोजाबाद। कांच उद्योग उत्पादों पर एक बार फिर महंगाई का रंग चढ़ने के आसार हैं। नेचुरल गैस और बाहर से आने वाले कांच भंगार (ब्रोकन ग्लास) की कीमतों में इजाफे के बाद शहर की माउथ ब्लोइंग कांच इकाइयों में सादा कांच आइटमों की दरों में 5 से 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी की सुगबुगाहट है। नई दरें कल यानी सोमवार से लागू हो सकती हैं।
कांच कारोबारी राजेश शर्मा और गुड्डू वारिसी के मुताबिक कई माउथ ब्लोइंग कारखानों में तो सादा उत्पादों की कीमतों में 5 रुपये प्रति किलो बढ़ोतरी का एलान भी किया जा चुका है। 5 अक्तूबर से शत-प्रतिशत माउथ ब्लोइंग इकाइयों में नई दरें लागू होने की पूरी संभावना है। दिल्ली, कोलकाता और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आने वाले कांच भंगार (ब्रोकन ग्लास) तथा नेचुरल गैस की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके चलते कारखानों में सादा कांच आइटमों की उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है।
पुराने ऑर्डर और आर्थिक नुकसान से चिंतित हुए निर्यातक
कांच उत्पादों के दाम बढ़ने की आहट से शहर के कांच निर्यातक बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं। कांच निर्यातक धर्मेंद्र कुमार और सतीश कुशवाहा का कहना है कि विदेशों और बाहरी बाजारों से मिले उनके पुराने ऑर्डर अभी पूरे भी नहीं हो पाए हैं। ऑर्डर पूर्ति से ठीक पहले सादा कांच आइटमों के रेट बढ़ने से उनका तय मुनाफा तो डूबेगा ही, साथ ही उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ेगा।