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नेचुरल गैस के दामों में बढोत्तरी के कारण पटरी से उतर रहा कांच व चूड़ी उद्योग

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फिरोजाबाद। नेचुरल गैस के दामों में आए दिन हो रही वृद्धि व चूड़ी के लिए प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल में इजाफा होने से कांच व चूड़ी उद्योग पटरी से उतर रहा है। कांच इकाइयों में खपने वाली नेचुरल गैस के दाम एक वर्ष में दोगुने हो गए हैं, जबकि चूड़ी में प्रयुक्त होने वाले कच्चा माल की दरों में भी दो से ढाई गुना की बढ़ोत्तरी हुई हैं। इसका सीधा असर शहर की कांच बोतल, माउथ ब्लोइंग इकाइयों के अलावा परंपरागत चूड़ी उद्योग जगत पर पड़ रहा है।
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अक्तूबर 2020 में प्रति घनमीटर 15.69 पैसे वाली नेचुरल गैस की कीमत वर्तमान माह में 28.37 प्रति घन मीटर है। कांच एवं चूड़ी उद्योग में रियायती दर की एपीएम एवं वाणिज्य स्तर की आरएलएनजी श्रेणी की नेचुरल गैस के अनुपातिक कीमत वाली नेचुरल गैस की खपत प्रतिमाह लगभग 15.5 लाख घनमीटर है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण दो वर्षों से छाई वैश्विक मंदी एवं स्थानीय स्तर पर डेंगू जैसी बीमारी से हलकान रहा कांच उद्योग जगत अब नेचुरल गैस की दरों में हुई बढ़ोत्तरी एवं कच्चे माल की कीमतों में आये भारी उछाल के कारण संकट में हैं। वहीं कच्चा माल सोडा एस, नाइट्रेट, सोडा जैसे कांच तैयार करने वाले केमिकल के दाम भी दो गुने हो गए हैं। खास बात है कि कांच उत्पादों की दरों में असंतुलन के कारण करोड़ों के आर्डर निरस्त होने अथवा पूरा कराने में भारी नुकसान होने की स्थिति है।
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हर माह हो रहा नेचुरल गैस के दामों में इजाफा
माह व वर्ष ---- कीमत
अक्तूबर 2020 ---- 15.69
नवंबर 2020 ---- 14.94
दिसंबर 2020 ---- 16.10
जनवरी 2021--- 17.96
फरवरी 2021---- 21.48
मार्च 2021---- 22.10
अक्तूबर 2021 ---- 22.37
नवंबर 2021 ---- 25.10
दिसंबर 2021 ----- 28.17
(नोट. कीमतें रुपये प्रति घनमीटर में हैं।)
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केमिकल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी
जुलाई 2021 में सोडा एस के दाम- 18 रुपये प्रति किलोग्राम
दिसंबर 2021 में सोडा एस की दाम- 36.70 रुपये प्रति किलोग्राम
कांच में चमक के लिए केमिकल नाइट्रेट के दाम जुलाई 2021 में - 15 हजार रुपये प्रति किलोग्राम
कांच में चमक के लिए केमिकल नाइट्रेट के दाम दिसंबर 2021 में - 31 हजार रुपये प्रति किलोग्राम
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नेचुरल गैस के दाम बढ़े तो कांच उत्पादों की कीमतों में हुआ इजाफा-
नेचुरल गैस के दामों में आये दिन हो रहे इजाफा के कारण कांच एवं चूड़ी इकाई संचालकों पर कांच उत्पादों की लागत बढ़ने समस्या हावी हुई। यही कारण रहा कि गत तीन माह की अवधि में कांच चूड़ी कीमतों में जहां 10 से 15 रुपये प्रति तोड़ा की बढ़ोत्तरी होने के साथ ही माउथ ब्लोइंग इकाइयों में तैयार होने वाले कांच आयटम की कीमत भी प्रति किलोग्राम 15 से 25 रुपये की बढ़ोत्तरी हो चुकी है।
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कांच उद्योग जगत को राहत की दरकार
- वर्ष 2012 में हुए गैस अनुबंध जीएससी के प्रतिकूल एपीएम और आरएलएनजी गैस की दरों की दैनिक खपत के आधार पर मूल्य की गणना में संशोधन।
- कांच उद्योग जगत को लांग टर्म आरएलएनजी का मूल्य विवरण देने पर गेल इंडिया करे विचार
- कांच व चूड़ी इकाइयों में खपने वाली नेचुरल गैस के दामों को तय करने में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाएं।
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- कांच व चूड़ी इकाइयों को प्रतिमाह मिलती है सस्ती दर की 11 लाख घनमीटर एपीएम श्रेणी की गैस
- कांच इकाइयों में प्रतिमाह वाणिज्य श्रेेेणी व महंगी दर वाली आरएलएनजी श्रेणी की पांच लाख घनमीटर गैस एवं एपीएम गैस की कुल खपत को जोड़ से निकलने वाले अनुपातिक योग से तय होती नेचुरल गैस की दरें
आर्डर निरस्त की कगार पर
गैस के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा दिक्कत डेकोरेट को भी हुई है। एक वर्ष में दोगुने से अधिक गैस के दाम हो गए हैं। पुराने ऑर्डर जिनका एडवांस लिया जा चुका है, उन्हें भी निरस्त करने की स्थिति पैदा हो रही है। -मनीष जैन, कोरोनेट इंटरनेशनल संचालक
आया काफी अंतर
कच्चे माल और नेचुरल गैस के दाम बढ़ने के कारण कांच व चूड़ी की लागत में काफी अंतर आया है। सादा चूड़ी तोड़ा के दाम 15 से 20 रुपये तक बढ़ाने पड़े हैं। चूड़ी के दाम बढ़ने से बाजार में ग्राहकों की कमी आई है। -हेमंत अग्रवाल, च्वाइंस ग्लास
रियायती दर पर मिल रही गैस
अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। इस कारण से तेल कंपनियों को भी गैस की दरें निर्धारित करनी पड़ती है। वैसे भी फिरोजाबाद के कांच उद्योग को रियायती दर की 11 लाख घनमीटर गैस व आरएलएनजी श्रेणी की पौने तीन लाख घनमीटर गैस मिल रही है। -आशीष केसरवानी, उप महाप्रबंधक गेल इंडिया
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