फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूध में मिला रहे डिटर्जेंट-रिफाइंड, रहें सावधान

विज्ञापन
विज्ञापन
दूध में मिला रहे डिटर्जेंट-रिफाइंड, रहें सावधान
विज्ञापन

45 नमूनों में 23 फेल, ग्लूकोज की नुकसानदेह मात्रा के साथ मिल्क फैट भी कम मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। बच्चों को पिलाने और घर में इस्तेमाल होने वाले दूध में मिलावट मिल रही है। ऐसे में सावधान रहें। पिछले वित्त वर्ष में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए 62 नमूनों में 45 की रिपोर्ट आ गई है। इसमें 23 फेल हो गए हैं। इसमें डिटर्जेंट-रिफाइंड ही नहीं ग्लूकोज की नुकसानदेह मात्रा भी मिली है। मिल्क फैट भी कम मिला है।
दूध के फेल नमूनों का आंकड़ा कुल आई रिपोर्ट का करीब 52 फीसदी है। इसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व दुग्ध दिवस भी एक जून को मनाया जा रहा है।
विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार बोले, खाद्य विभाग हर वित्तीय वर्ष में खाद्य पदार्थों के नमूने भरता है। बीते वर्ष 62 नमूने दूध के लिए गए हैं। इसमें 23 फेल हुए हैं। 10 नमूने सिंथेटिक होने के कारण असुरक्षित घोषित हुए हैं। इसमें रिफाइंड और डिटर्जेट की मात्रा पाई गई। इसे देखते हुए विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी। शेष 13 नमूने में पानी की मिलावट पाई गई या फिर मिल्क फैट कम पाया गया। अन्य नमूनों की रिपोर्ट भी अगले 15-20 दिन में आ जाएगी।
मिलावटी दूध किडनी, लीवर को पहुंचाता है नुकसान
मिलावटी दूध किडनी, लीवर को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इससे तंत्रिका तंत्र भी प्रभावित होता है। बच्चों के लिए यह ज्यादा घातक होता है। बचपन से ही उनमें यह असाध्य बीमारियां पैदा कर सकता है। दूध में डिटर्जेंट, ज्यादा मात्रा में ग्लूकोज, चिकनाई बढ़ाने के लिए रिफाइंड के साथ यूरिया मिलाने की बातें भी सामने आती हैं। कई बार यह आंखों की रोशनी पर भी प्रभाव डालता है। मिलावटी दूध से बचने के लिए लोगों को अपने घरों पर दूध की गुणवत्ता चेक करने की परखनली रखनी चाहिए। काफी लोग डेयरी से दूध सामने निकलवाकर लाते हैं। यह ज्यादा बेहतर है।
- डॉ. नीरज गुप्ता, वरिष्ठ फिजिशियन
17 लाख से ज्यादा का लग चुका है जुर्माना
खाद्य विभाग के मुताबिक दूध के सैंपल फेल होने पर 21 मामलों में एडीएम कोर्ट ने 17 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके बाद भी नकली दूध का धंधा जनपद में चल रहा है।
विज्ञापन

ऐसे करें पहचान
- दूध की पहचान करने के लिए उसे सूंघें। अगर उसमें साबुन जैसी गंध आती है तो इसका मतलब है कि दूध सिंथेटिक है। असली दूध में कुछ खास गंध नहीं आती है।
- असली दूध स्टोर करने पर अपना रंग नहीं बदलता, जबकि मिलावटी दूध कुछ वक्त के बाद पीला पड़ने लगता है। जब हम असली दूध को उबालें तो इसका रंग नहीं बदलता, वहीं नकली दूध उबालने पर पीले रंग का हो जाता है।
-असली दूध को हाथों के बीच रगड़ने पर कोई चिकनाहट महसूस नहीं होती।
मिलावट की आशंका हो तो यहां करें शिकायत
जिला अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि किसी भी मिलावट की आशंका पर 05612-285005 और 9170609594 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें