कोरोना काल में स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ विस्तार, अस्पतालों को मिले आधुनिक उपकरण
- मेडिकल कॉलेज, संयुक्त अस्पताल शिकोहाबाद, जसराना में स्थापित हुए ऑक्सीजन प्लांट
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कोरोना संक्रमण की पहली लहर के बाद से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की कवायद शुरू हुई। अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया। तीसरी लहर आते-आते व्यवस्था मजबूत हो चुकी थी। नतीजतन तीसरी लहर में एक संक्रमित को छोड़कर सभी उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जहां सामान्य इलाज बेहतर नहीं मिल पाता था, अब वह अब गंभीर मरीजों का इलाज करने के लिए तैयार है।
मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण से पहले 140 बेड थे। कोविड शुरू हुआ तो आनन-फानन में 220 बेड का कोविड अस्पताल अलग से तैयार कर दिया गया। कोविड से पहले एक ही वेंटिलेटर अस्पताल में था। कोरोना के दौरान मेडिकल कॉलेज में 50 वेंटिलेटर स्थापित हो चुके हैं। दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मारामारी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक हजार लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया। हर बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई। 30 बेड का आईसीयू बनाया गया है।
जसराना सीएचसी में कोरोना से पूर्व सीएचसी पर सामान्य मरीजों को ही इलाज दिया जाता था। मगर, कोरोना की तीसरी लहर से मुकाबला करने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से लैस कर दिया। जसराना में 30 बेड कोविड वार्ड के लिए आरक्षित किए गए। 12 बेड पीकू वार्ड के लिए बनाए गए। यहां भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा चुका है। एक वेंटिलेटर, एक वाईपैप मशीन (बच्चों का वेंटिलेटर) और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की उपलब्धता हो चुकी है।
संयुक्त अस्पताल शिकोहाबाद में 50 बेड को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा गया। यहां पर 550 लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। 20 पलंग का आईसीयू तैयार किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एका, सिरसागंज और जाटऊ पर भी 30-30 बेड के वार्ड तैयार किए गए हैं। यहां मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। हालांकि यह अस्पताल एल वन श्रेणी के हैं। इन अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और वाईपैप मशीन(बच्चों का वेंटिलेटर) भी उपलब्ध है।
300 नर्सिंग स्टाफ को किया प्रशिक्षित
सरकारी अस्पतालों में जनपद में बाल रोग विशेषज्ञ की संख्या सिर्फ दो है। बच्चों के इलाज के लिए सिर्फ 20 नर्सिंग स्टाफ ही प्रशिक्षित था। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका जाहिर की थी। इसके लिए जनपद के 50 डॉक्टर को बाल रोग विशेषज्ञ की ट्रेनिंग दी गई। 300 नर्सिंग स्टाफ को भी बच्चों के इलाज के लिए प्रशिक्षित किया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि बड़ों वेंटिलेटर लगाने और ड्रिप लगाने, दवा की डोज देने में काफी भिन्नता है।ऐसे में प्रशिक्षण आवश्यक था।
अस्पताल पहले वेंटिलेंटर वर्तमान में वेंटिलेंटर
मेडिकल कॉलेज फिरोजाबाद - 01 - 50
जसराना (सीएचसी)- 0 - 01
संयुक्त अस्पताल शिकोहाबाद- 0- 01
कोरोना वैश्विक महामारी थी। इससे लोगों को बचाने के लिए सरकार ने तेजी से पहल की। अस्पतालों में आधुनिक मशीनों को स्थापित किया गया। जनपद में सीएचसी स्तर पर आईसीयू और ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं पर इतना विस्तार हुआ, जितना बीते पांच सालों में नहीं हुआ होगा।
- डॉ. दिनेश प्रेमी, सीएमओ