बिहार में मनाए जाने वाले छठ पूजा पर्व को लेकर बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है। घर पहुंचने की जल्दी के चलते लोग अपनी जान की परवाह किए बिना ट्रेनों के दरवाजों के पायदानों पर बैठकर एवं शौचालयों में खडे़ होकर यात्रा कर रहे हैं। चलती ट्रेन में चढ़ने एवं लटककर यात्रा करने पर कुछ यात्री ट्रेन से गिरकर चुटैल भी हो रहे हैं। ऐसा ही कुछ दृश्य फिरोजाबाद के टूंडला रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला।
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दरअसल, बिहार में दिवाली से भी अधिक छठ पूजा पर्व की मान्यता है। इस महापर्व पर सभी की इच्छा रहती है कि वह इस पर्व को अपने परिवार के साथ-साथ मिलजुल कर मनाए। इसके लिए दिवाली से पूर्व ही पहले से ही आरक्षण आदि करवाकर अपने घरों पर पहुंच चुके हैं।
वहीं प्राइवेट नौकरी वाले दिवाली के बाद भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर छुट्टी लेकर घर के लिए रवाना हुए, परंतु ट्रेनों में भारी भीड़ होने के कारण लोगों को ट्रेन के डिब्बे में प्रवेश करने तक की जगह नहीं मिल रही है।
ट्रेनों का आलम यह है कि डिब्बों के शौचालय, दो कोचों के बीच वाला खाली स्थान और उसके बाद भी लोगों को जगह नहीं मिली तो लोग जिंदगी की परवाह किए बगैर ट्रेनों के पायदान व हत्थों पर लटकते हुए यात्रा करने के लिए चढ़ गए। जीआरपी की मशक्कत भी काम नहीं आई।
ट्रेनों में भारी भीड़ व ट्रेनों के चल पड़ने पर कई रेलयात्री गिरकर चुटैल भी हुए। टूंडला स्टेशन पर बिहार जाने वाली अधिकतर ट्रेनों का यही नजारा था। ट्रेनों के स्लीपर क्लास की हालत जनरल कोचों से भी बदतर थी। लोग एसी कोचों की गैलरियों में बैठकर यात्रा कर रहे थे।