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Firozabad News: पकड़ा फर्जीवाड़ा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रधानाचार्य पद से हटाए गए

Sun, 07 Dec 2025 12:07 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
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फिरोजाबाद। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) धीरेंद्र यादव ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह लोधी द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन पर बड़ा पलटवार किया है। डीआईओएस ने दावा किया कि पूर्व जिलाध्यक्ष के कॉलेज को शासन स्तर से ही फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। इस कारण कॉलेज को यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र की सूची से डिबार कर दिया था। अब शनिवार को डीआईओएस की संस्तुति पर प्रधानाचार्य पद पर तैनात पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह लोधी को भी डिबार (पद से हटाना) कर दिया गया है।
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डीआईओएस ने स्पष्ट किया कि पूर्व जिलाध्यक्ष के कॉलेज श्री मुंशीलाल इंटर कॉलेज, मोरचा में एक छात्र की उम्र घटाकर उसे दोबारा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा दिलाई गई थी। शासन से जारी पत्र के अनुसार, मामला इस प्रकार है कि परीक्षार्थी अभय प्रताप सिंह उर्फ मनोज कुमार शर्मा ने हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2005 में (अनुक्रमांक 0085146) और इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2007 में (अनुक्रमांक 0055531) उत्तीर्ण की थी। इसी छात्र ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह के कॉलेज से अपनी उम्र घटाकर दोबारा हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा दी। इस गंभीर अनियमितता पर परीक्षा समिति ने संज्ञान लिया। 18 नवंबर को हुई बैठक में जांच-पड़ताल और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षार्थी ने परिषद विनियमों के विपरीत जाकर दोनों परीक्षाएं दूसरी बार उत्तीर्ण की थीं। समिति ने तत्काल प्रभाव से छात्र की दूसरी बार दी गई दोनों परीक्षाओं का परिणाम निरस्त कर दिया है। इस मामले में मुंशीलाल इंटर कॉलेज, मोरचा की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद विद्यालय को यूपी बोर्ड के सभी पारिश्रमिक कार्यों से डिबार कर दिया गया। साथ ही कॉलेज के प्रधानाचार्य पद पर तैनात भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह लोधी को भी डिबार कर दिया गया है।




कार्रवाई पूरी तरह नियम, दस्तावेज और तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर

डीआईओएस धीरेंद्र यादव ने कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष द्वारा उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। विभागीय कार्रवाई पूरी तरह नियमों, दस्तावेज और तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर की गई है और इसमें किसी भी तरह का व्यक्तिगत द्वेष या पक्षपात शामिल नहीं है। छात्र को जारी किए गए हाईस्कूल 2005 और इंटर 2007 के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र वापस परिषद कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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पूर्व जिलाध्यक्ष ने लगाए थे डीआईओएस पर गंभीर आरोप

पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा मानवेंद्र ने डीआईओएस धीरेंद्र यादव के संबंध में यूपी बोर्ड को एक पत्र लिखा था, जिसमें रिश्वत मांगने से लेकर सपा मानसिकता का होने तक का आरोप लगाया था। इस पूरे प्रकरण की शनिवार को शिक्षा और राजनीतिक से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में गूंज रही।
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