इस दौरान दो लोग नकली मावा को भगौने और बोरी में भरकर डेढ़ क्विंटल मावा ले जाते मिले। टीम ने मावा की बोरी को उतार लिया। यह मावा फतेहाबाद निवासी रामनरेश और फिरोजाबाद शहर के पीयूष शर्मा द्वारा ले जाया जा रहा था। रामनरेश फतेहाबाद से नकली मावा तैयार करके फिरोजाबाद की मावा मंडी में सप्लाई को लाते हैं।
यहां से मैनपुरी में सस्ते दामों में मिठाई की दुकानों पर सप्लाई किया जाता है। सहायक आयुक्त ने मावा को नष्ट करा दिया। वहीं, दो नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे हैं। टीम में सहायक आयुक्त सुधीर कुमार सिंह, रविभान सिंह,राहुल शर्मा,राजकुमार यादव ,अंकुश शर्मा शामिल रहे।
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सूचना मिली थी कि नकली मावा दूसरे जनपद में हर रोज सप्लाई के लिए जाता है। हमारी निगाह प्राइवेट वाहनों पर थी। मगर, रोडवेज बस की जांच की तो इसकी नकली मावा सप्लाई के लिए जा रहा था। हमने मावा को नष्ट करा दिया है। वहीं, दो नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।
-डॉ. सुधीर कुमार, सहायक आयुक्त
नकली खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले विक्रेताओं ने सप्लाई का नया तरीका निकाल लिया है। इसे मोटरसाइकिल या अन्य प्राइवेट वाहनों पर सप्लाई न करके सरकारी रोडवेज बस में ले जाते हैं। रोडवेज बस चालक और परिचालक ऊपरी कमाई के चक्कर में इधर से उधर सामान को बिना जांच पड़ताल के ले जाते हैं। मैनपुरी रोडवेज बस से नकली मावा पकडे़ जाने के बाद सहायक आयुक्त ने मैनपुरी डिपो के एआरएम से वार्ता की। नकली सामान की सप्लाई करने में मिलीभगत की संदिग्धता जाहिर की।
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160 रुपये किलो बेचते थे मावा
विक्रेता नकली मावा दुकानों पर 160 रुपये किलो बिकते थे। जो असली मावा से दामों में ठीक आधा है। दुकानदार रक्षाबंधन नजदीक आने पर घेवर और अन्य मिठाईयों में इसका इस्तेमाल करते थे। जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।
नकली मावा का फतेहाबाद में है बड़ा कारोबार
जिले में कई बार छापेमारी की गई है। इसमें नकली मावा बड़ी मात्रा में पकड़ा गया है। 80 फीसदी मामलों में यह नकली दूध, पनीर और मावा फतेहाबाद से आता है। यह मावा सिर्फ फिरोजाबाद में ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य जनपदों में भी सप्लाई को जाता है।