फिरोजाबाद। गांव बासठ में एसटीपी निर्माण के लिए खरीदी गई भूमि खरीद में करोड़ों रुपये के घोटाले की फाइल दोबारा खोली जाएगी। एक शिकायत के आधार पर नगर आयुक्त ने मामले से जुड़ी फाइल तलब की है। मामले में एक भाजपा नेता, नगर निगम के चर्चित ठेकेदार और उसके पिता समेत कई अन्य जांच के दायरे में हैं। नगर आयुक्त के फाइल तलब करने के बाद कई लोगों की गर्दन फंसती नजर आ रही है।
वर्ष 2018-19 के दौरान सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए गांव बासठ में करीब पौने दो एकड़ भूमि की खरीद-फरोख्त हुई थी। आरोप है कि अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों से की गई भूमि की खरीद-फरोख्त में कई अनियमितताएं बरती गईं। इसके अलावा एससी वर्ग से बेहद मामूली कीमत पर खरीदी गई भूमि की खरीद-फरोख्त करने वालों ने तत्कालीन कमेटी से सांठगांठ कर करोड़ों रुपये का खेल कर दिया।
बताया जाता है कि एससी वर्ग की महिला से लगभग आठ लाख रुपये में खरीदी गई भूमि को महज चंद माह बाद ही करीब दो करोड़, 27 लाख, 78000 हजार रुपये में नगर को हैंडओवर कर दिया गया। मामले में पीड़िता कुसुमा देवी आदि की शिकायत पर पूरे प्रकरण में तत्कालीन सीडीओ नेहा जैन की अध्यक्षता गठित कमेटी ने जांच की थी। अभी हाल ही में मामले में कुछ दिन पूर्व हुई शिकायत के आधार पर नगर आयुक्त प्रेरणा शर्मा ने पूरी फाइल तलब की है।
उम्मीद की जा रही है कि सरकारी फाइलों में बंद करोड़ों रुपये की दलाली का सच जल्द ही अब लोगों के सामने आएगा। इस पूरे प्रकरण में शुरू से ही जांच के दायरे में शामिल भाजपा से जुडे़ कई नेताओं और निगम के एक ठेकेदार व उसके पिता की गर्दन फंसना तय माना जा रहा है।
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कांग्रेस नेता ने दर्ज कराई थी एफआईआर
पूरे प्रकरण में सत्ताधारी दल के लोगों और नामचीन ठेकेदार की संलिप्तता के कारण लीलापोती का अंदेशा जताया गया था। मामले में लीलापोती होते देख कांग्रेस नेता और अधिवक्ता धर्मसिंह यादव ने प्रकरण में एक वाद जिला न्यायालय में दर्ज कराया था। धर्मसिंह यादव के मुताबिक इस मामले में आगामी 27 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
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एसटीपी के लिए भूमि खरीद-फरोख्त के मामले में शिकायत मिली है। मामला काफी पुराना है। इस कारण फाइल मंगवाई है। फाइल अवलोकन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
प्रेरणा शर्मा नगर आयुक्त