फिरोजाबाद। विकास कार्योें में अनदेखी का आरोप लगाकर साल भर आंदोलन करने वाली नई आबादी की जनता को आखिरकार विधानसभा चुनाव आचार संहिता से पहले शहर की सरकार (नगर निगम) को विकास कार्यों की सुध आ गई। तीन से आठ जनवरी तक महज छह दिन में 14 करोड़ की लागत से करीब 115 सड़कों और गलियों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया। साथ ही कार्यदायी संस्थाओं को वर्कऑर्डर जारी कर दिए।
इन क्षेत्रों में बनेंगी सड़कें, खत्म होंगी दुश्वारियां
नई आबादी दुर्गेश नगर, सतीनगर, लालपुर नई आबादी, ओमनगर, मोतीनगर, संतनगर फुलवाड़ी, लेबर कॉलोनी, सुहागनगर, करबला, आजाद नगर, मोहल्ला खेड़ा, संतनगर, रामनगर, मेहताबनगर, कोटला रोड, दखल, टापाकलां, हिमायूंपुर के साथ अन्य मोहल्ले शामिल हैं। जहां पर नगर निगम द्वारा सड़कों के साथ गलियों का निर्माण कराएगा।
किस दिन कितने करोड़ के कार्यों को मिली मंजूरी
3 जनवरी को एक करोड़ 85 लाख
4 जनवरी को एक करोड़ 27 लाख
5 जनवरी को एक करोड़ 25 लाख
6 जनवरी को दो करोड़ 56 लाख
7 जनवरी को पांच करोड़ 10 लाख
8 आठ जनवरी को दो करोड़ 72 लाख
क्या कहते है लोग
साढ़े चार साल में शहर में कुछ विकास कार्य नहीं हुआ। स्मार्ट सिटी बनने के बाद भी यह प्रतीत नहीं होता कि हम लोग स्मार्ट सिटी में रहते है। शहर के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने पहल की। करोड़ों रुपया दिया। जनप्रतिनिधियों ने कोई पहल नहीं की। आचार संहित लगने से पूर्व जिस गति से विकास कार्य की ओर ध्यान दिया गया। यदि यह कार्य पहले किए जाते तो आज शहर की तस्वीर बदल गई होती।
संजय बंसल, व्यापारी
चुनाव से पूर्व यह सब कार्य एक दिखावा है। इससे जनता को कोई राहत नहीं मिलेगी। सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी, सुरक्षा, नौकरी है। इस ओर पहल होनी चाहिए। विकास कार्य होते रहे हैं और होते रहेंगे। एक साथ करोड़ों की धनराशि से विकास कार्य शुरू कराने से शहर की जनता को कोई अधिक लाभ नहीं होगा। यदि यह कार्य पहले हो जाते। तो जनता को कुछ राहत मिलती।
अब्दुल सलाम, एडवोकेट।
वर्क ऑर्डर की जांच और जुलाई से लेकर अक्तूबर माह तक डेंगू के कारण नगर निगम के कार्य प्रभावित हुए। दिसंबर माह के अंत तक री टेंडर आए थे। हालांकि सड़कों के निर्माण लगातार कराए गए। लेकिन आदर्श आचार संहिता लगने के कारण वर्कऑर्डर जारी किए गए। जिससे दो माह तक शहर का विकास कार्य प्रभावित न हो।
प्रेरणा शर्मा, नगर आयुक्त