रफ़रोजाबाद ! शहर के शोरूम पर सजी फैंसी लाइट
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फिरोजाबाद। रोशनी के पर्व दिवाली पर शहर के फैंसी लाइट कारोबार ने भी रफ्तार पकड़ ली है। कोरोना और डेंगू के कारण मंदी की मार झेल रहे फैंसी लाइट कारोबारी ग्राहकों की आवाजाही से उत्साहित हैं। कारोबारियों को दिवाली के साथ ही आगामी सहालग और गति पकड़ रहे रियल स्टेट कारोबार से उम्मीद जगी है। व्यापारियों को इस बार करीब दस करोड़ से ज्यादा का व्यवसाय होने की उम्मीद है।
दिवाली पर आवासीय एवं व्यवसायिक भवनों को रोशन करने के लिए शहर में तमाम किस्म की फैंसी और रंग-बिरंगी लाइटों, झूमर, कांच की झालरों की धूम रहती है। लगभग पांच सौ रुपये से लेकर दस हजार रुपये की कीमत वाली विभिन्न रेंज की फैंसी लाइट और झूमर लोगों की पसंद होती है। हालांकि कोरोना एवं डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों से जूझ रही सुहागनगरी में कारोबारी गतिविधियां कुंद हो गई थी। अब दो साल बाद दिवाली पर एक बार फिर बाजार ने रफ्तार पकड़ ली है।
दिवाली पर फैंसी लाइट के शोरूम, मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों में ग्राहकों और बाहरी व्यापारियों की आमद से बाजार गुलजार है। फैंसी लाइट कारोबार से जुडे़ लोगों की माने तो हालत सामान्य रहने की स्थिति में आगामी नवंबर-दिसंबर से लेकर फरवरी तक मांगलिक कार्यक्रमों में भी फैंसी लाइटों की मांग बढ़ेगी। इसके लिए रियल स्टेट कारोबार गतिमान होने के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फैंसी लाइट की मांग तेज होगी।
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दो साल बाद फैंसी लाइट कारोबार पटरी पर लौटा है। मांग भी बढ़ी है। उम्मीद कर रहे हैं कि दो साल में उठाए घाटे की भरपाई के साथ ही फैंसी लाइट कारोबार दोबारा पटरी पर लौटेगा।
सुनील खरबंदा फैंसी लाइट कारोबारी
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फैंसी लाइट कारोबार ने लंबे समय बाद रफ्तार पकड़ी है। बाजार में स्थानीय फैंसी लाइट की डिमांड ठीकठाक होने की स्थिति में लगभग आगामी दिनों में दस करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने उम्मीद है।
राजू डेकोरेटर फैंसी लाइट निर्माता
(ऑल इंडिया मैन्यूफैक्चर एसो. मंत्री)