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स्मार्ट सिटी: कैसे हाईटेक होंगे शहर के चौराहा

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फिरोजाबाद। सुहागनगरी को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले एक वर्ष से अधिक समय बीत गया। लेकिन शहर का एक भी चौराहा स्मार्ट नहीं बन सका। चौराहों पर अतिक्रमण हैं। अवैध वाहन स्टैंड बने हुए हैं। इन्हें हटाने की नगर निगम और नगर प्रशासन ने कोशिश कई बार की है लेकिन सफलता नहीं मिली है। हालांकि स्मार्ट सिटी योजना में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की योजना तैयार कर ली गई है। इसके तहत 33 करोड़ की लागत से भोपाल की एक कंपनी शहर के 13 चौराहों का सौंद्रीयकरण करेगी। योजना तो बना ली गई है लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है।
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सुभाष तिराहा: आटो, ई-रिक्शा और ठेलवालों का कब्जा
शहर की नाक कहे जाने वाला सुभाष तिराहा पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में है। मेडिकल कॉलेज के सामने से शिकोहाबाद की ओर जाने वाले ऑटो और प्राइवेट वाहन चालकों ने अवैध रुप से स्टैंड बना लिया है। तो दूसरी तरफ श्री छदामीलाल जैन मंदिर के सामने आगरा की ओर जाने वाले वाहन चालकों का कब्जा रहता है। ऑटो, ईरिक्शा और फल विक्रेता भी सड़क पर खड़े रहते है। कुछ दुकानदारों ने फुटपाथ को भी घेर रखा है। सर्विस रोड पर अवैध साइकिल स्टैंड संचालित हो रहा है।
गांधी पार्क चौराह: सड़क के दोनों तरफ अवैध टैक्सी स्टैंड
शहर का प्रमुख गांधी पार्क चौराहा भी अतिक्रमण की चपेट में है। सुभाष तिराहा की ओर जाने वाले मार्ग पर दोनों तरफ अवैध रुप से टैैक्सी स्टैंड संचालित किए जाते हैै। बैंकों के बाहर सड़क पर पार्किंग संचालित की जाती है। कुछ इसी तरह की स्थित स्टेशन रोड की है। भगवान परशुराम गेट पर चार पहिया वाहन खड़े होते है तो फूल विक्रेताओं के साथ ठेल वाहनों ने यहां कब्जा कर रखा है। चौराहा पर अतिक्रमण और स्कूल कॉलेज की छुट्टी होने पर आसपास के मार्गों पर जाम लग जाते है। चौराहा को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर निगम की प्रवर्तन दल की टीम ने कई बार अभियान चलाया। लेकिन चौराहा अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका।
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ये चौराहे भी है अतिक्रमण की चपेट में
जाटवपुरी चौराहा, बंबा चौराहा, आसफाबाद चौराहा, नगला भाऊ चौराहा, बंबा चौराहा, ककरऊ कोठी चौराहा, कोटला चुंगी और क्लब चौराहा के साथ अन्य चौराहे भी अतिक्रमण की चपेट में है।
कागजों में बनती है योजना
चौराहों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कई बार पहल की। नवंबर माह में शुरू होने वाले यातायात माह की पहली तारीख को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को चौराहों को अतिक्रमण मुक्त करने की सुध आती है। जैसे जैसे नवंबर माह बीत जाता है। वैसे वैसे ही कार्रवाई भी ठंडे बस्ते में चली जाती है।
जागरूक करने को लगेंगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम
इसके अलावा लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने या समय-समय पर महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए पब्लिक एड्रेंस सिस्टम की व्यवस्था हो रही है। सुरक्षा के साथ चौराहों को संवारने की भी कवायद है।
कंपनी द्वारा सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद शहर के चौराहों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। चौराहों को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद अगर लोग दोबारा अतिक्रमण करते है तो कार्रवाई की जाएगी।
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प्रेरणा शर्मा, नगर आयुक्त
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