रक्षाबंधन के बाद बाजारों में जन्माष्टमी का रंग छाने लगा है। मंदिरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। दुकानों पर लड्डू गोपाल सज गए हैं। हिंडोलों के आर्डर भी दिए जा रहे हैं। शहर में कई मंदिरों में विशेष सजावट होगी तो शहर के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। किराना बाजार से लेकर पूजन सामग्री बेचने वालों तक के यहां भीड़ लगी है।
बाजार में बर्तन और मूर्तियों की दुकानों पर लड्डू गोपाल और राधा कृष्ण की प्रतिमाओं की हर रेंज में सज गई है। आसपास के क्षेत्रों के दुकानदार भी मूर्तियों के थोक व्यापारियों से लड्डू गोपाल और अन्य प्रतिमाओं की खरीदारी कर रहे हैं। राधा कृष्ण की पोशाकों की बिक्री भी आरंभ हो गई है। दुकानों पर मेवे के स्टाल आकर्षक रूप से सजने लगे हैं। घरों पर झांकियां सजाने की सामग्री की बिक्री भी खूब हो रही है। बच्च घर के मंदिर सजाने के लिए रंग बिरंगे कागज, अबरी आदि की खरीदारी कर रहे हैं। कृष्णापाड़ा मोहल्ले स्थित बांकेबिहारी मंदिर के साथ ही महानगर के अनेक प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी पर हिंडोले सजा कर लड्डू गोपाल को तीन दिन तक झुलाया जाता है। इसके लिए अभी से मनोहारी हिंडोले बनाने के आर्डर देना भी शुरू हो गया है। मंदिरों में रंगाई पुताई चल रही है। भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमाओं और राधा कृष्ण की झांकियां सजाने की तैयारी की जा रही है। उधर इस्कान ने भी जन्माष्टमी पर अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वृंदावन की पगड़ी, राजकोट का झूला
बाजार में भी उत्साह देखा जा रहा है। भगवान के लिए वृंदावन की पगड़ी व राजकोट का झूला बाजार में दिखाई दे रहा है। बुधवार को विशेष और दुर्लभ संयोगों के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। लड्डू गोपाल के लिए बाजार में डायमंड लगा झूला, बांसुरी, रेशम की गाद्दी तकिया सहित इस बार सब कुछ नए कलेवर में उपलब्ध है। कई रंगों की पोशाक, मोर पंख व डायमंड लगा मुकुट, मोती की माला, डायमंड जड़ित बांसुरी लोगों को लुभा रही है। उज्जैन, मथुरा व वृंदावन से सामान मंगवाया गया है वहीं चौकी व झूला राजकोट से मंगाया गया है।
बीस से लेकर आठ सौ तक में बिकी प्रतिमा
भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर कान्हा की प्रतिमा को खरीदने के लिए बाजार में भीड़ उमड़ रही है। बाजार में इस समय भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा आठ रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक की कीमत पर बिक रही है। गुरुवार को महिलाएं, युवतियां श्रीकृष्ण के बाल स्वरुप लड्डू गोपाल को खरीदती दिखीं तो कुछ ने श्रीकृष्ण को पालने में झुलाने के लिए पालना खरीदे।