मेहनत के हिसाब से मजदूरी ना मिलने पर चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों का आंदोलन जारी रहा। यूनियन नेताओं के साथ दिन भर श्रमिक कारखाने के बाहर ही जमे रहे। इधर शाम के वक्त श्रम प्रवर्तन अधिकारियों ने कारखाने में पहुंच कर पूछताछ की, लेकिन कोई भी श्रमिक नहीं मिला तो वार्ता सफल रही।
राजाराम की तकिया के निकट स्थित प्रेम ग्लास के जुड़ैया पिछले तीन दिन से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। श्रमिकों का आरोप है 1900 रुपये प्रति सौ तोड़े की जुड़ाई के भुगतान का आदेश होने के बाद भी कारखाना मालिकों द्वारा 1750 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है। कारखाने पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसपी पांडे भी टीम के साथ में पहुंचे, लेकिन कोई भी श्रमिक कारखाने में नहीं मिला। कारखाने में भट्ठी बंद थी, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है। कारखाने में मिले सेवायोजक राकेश अग्रवाल ने श्रम विभाग की टीम को बताया कारखाने से जुड़ाई ही नहीं उठ रही है और श्रमिकों ने कोई मांग पत्र भी नहीं सौंपा। इस दौरान श्रम विभाग की टीम को श्रमिक नेता सोमेश गोस्वामी भी मिले। अफसरों ने जुड़ैयों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन उनके न आने से बात नहीं बन सकी।
श्रमिकों की है मांगे
यूपी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 1900 रुपये का भुगतान कराया जाए। जमा चूड़ी जुड़ाई के हिसाब में मजदूरी कटौती बंद की जाए। 100 तोड़ों की जुड़ाई के लिए निर्धारित सात लीटर मिट्टी का तेल दिया जाए। न्यायपूर्ण मांग करने पर काम देना बंद नहीं किया जाए। जाम की स्थिति को देखते हुए स्टॉक के स्थान पर कारखाने में चूड़ी जमा कराई जाए।
श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को कारखाने में जांच के लिए भेजा था। प्रयास किया गया था समझौता कराया जाए, लेकिन श्रमिकों के मौके पर न मिलने के कारण बात नहीं हो सकी। जल्द दोनो पक्षों को बुलाकर समझौता वार्ता कराई जाएगी।
राजेश मिश्रा, सहायक श्रमायुक्त