मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्र में पिछले दो दिनों से शांति में एक बार फिर शरारती तत्वों ने जहर घोलने की कोशिश की।
पुलिस की सक्रियता से कोई बड़ी घटना नहीं हुई और स्थिति को समय पर काबू कर लिया गया। शामली के फुगाना में शनिवार को खेतों में काम कर रहे किसानों पर एक समुदाय की ओर से अंधाधुंध गोलियां चलाई गई।
उधर, मुजफ्फरनगर के कितास के जंगल में एक सब्जी विक्रेता की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। यहां बालक समेत दो युवकों ने भागकर जान बचाई।
वहीं, मेरठ के भावनपुर क्षेत्र के लालपुर गांव के जंगल में गौ तस्करों ने शनिवार की सुबह उस समय अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जब ग्रामीणों ने उनका पशुओं से भरा ट्रक पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने ट्रक में आग लगा दी।
फुगाना के लोगों ने बताया कि उनके गांव के कई किसानों के खेत दूसरे समुदाय बाहुल्य वाले लोई गांव में पड़ते हैं। कई दिनों से लोई वालों ने उनके खेतों के नलकूपों को क्षतिग्रस्त करना शुरू कर दिया था। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
शनिवार को पशुओं का चारा खत्म होने पर किसान खेतों में चारा लेने गए थे। इसी दौरान करीब साढे़ आठ बजे लोई की तरफ से फायरिंग करती आई हथियारबंद भीड़ ने चारों तरफ से खेतों को घेर लिया और वहां दो किसानों को गोली मार दी।
सूचना पर पहुंचे सेना के जवानों ने स्थिति संभाली। एसएसपी प्रवीण कुमार के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
इस बीच, मुजफ्फरनगर के कितास के जंगल में एक सब्जी विक्रेता की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई। रतनपुरी थाना क्षेत्र के फुलत निवासी 18 वर्षीय युवा सब्जी विक्रेता अपने चचेरे भाइयों के साथ शनिवार को सब्जी बेचकर लौट रहे थे।
तभी कितास के जंगल में घात लगाए तीन युवकों ने धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों के साथ पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों का सुराग नहीं लग सका है।