उत्तर प्रदेश में विद्युत उपकेंद्र पर आए एक सरकारी आदेश के मुताबिक अमेठी वासियों को अब महज 15 घंटे ही बिजली मिलेगी। ग्रामीण इलाकों का बिजली सप्लाई का रोस्टर यथावत रहेगा। इस बदलाव से पहले ही दिन उमस भरी गर्मी से शहरवासी परेशान रहे।
अगस्त 2012 में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी की सिफारिश पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अमेठी और रायबरेली को 24 घंटे बिजली देने के प्रस्ताव को स्वीकार कर रोस्टर लागू कराया था।
तब से लेकर मंगलवार तक शहरवासी बिजली का भरपूर लुत्फ लेते रहे लेकिन मंगलवार शाम आए एक सरकारी आदेश पर शहर की बिजली में कटौती कर दी गई।
24 घंटे के बजाय अब शहरवासियों को महज 15 घंटे ही बिजली से संतोष करना पड़ेगा। पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता केएन सिंह ने बताया कि शहर के रोस्टर में बदलाव किया गया है।
उन्होंने बताया कि 24 घंटे के बजाय अब शहरवासियों को सुबह सात बजे से 10 बजे तक, दोपहर एक बजे से सायं पांच बजे तक, सात बजे सायं से रात 12 बजे तक, सुबह दो बजे से पांच बजे तक ही बिजली आपूर्ति के आदेश दिए गए हैं।
बीच-बीच में दो-दो घंटे की रोस्टिंग रहेगी। ये व्यवस्था अभी एक माह के लिए ही लागू किए जाने के आदेश हैं। बताते चलें कि प्रदेश के कुछ चुनिंदा जिलों को दी जा रही 24 घंटे बिजली सप्लाई पर कई लोगों ने ऐतराज जताया था। जिस पर उच्च न्यायालय ने भी तल्ख टिप्पणी की थी।