दो सगे भाइयों ने व्यापारी के घर में घुसकर परिवार के छह लोगों को गोली मार दी। बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े पांच बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में पिता, पुत्र की मौत हो गई।
व्यापारी के लहूलुहान भाई, दो बच्चों और मां को भर्ती कराया गया है। व्यापारियों और गांववालों ने बनारस राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। डीआईजी, डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए।
छह घंटे तक जाम न खुलने पर पुलिस ने लाठी, रबर बुलेट चलाकर भीड़ को भगाया। एसओ गगहा को सस्पेंड कर दिया गया है। बुधवार की शाम दुकान से सामान लेने के दौरान विवाद हुआ था। उस समय भी आरोपियों ने व्यापारी की दुकान में जाकर हमला किया था।
गगहा, डुमरी ठटौली टोला के बाबू लाल (38) किराना व्यापारी थे। गगहा में पुराने थाने के पास उनकी दुकान है। बुधवार की रात बाबू लाल का परिवार घर में सोया था। आज सुबह गांव का ही सन्नी, उसका भाई टिक्का सिंह और कोठा गांव के प्रेम नारायण व्यापारी के घर पहुंच गए।
सन्नी और टिक्का ने घर में घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसमें बाबू लाल और उनके पिता दुर्वासा की मौके पर ही मौत हो गई। बाबू लाल की मां प्रभावती (60), भाई कन्हैया (35) और दो बच्चे मुनिंद्र (17) और राजू (12) जगे तो हमलावरों ने इन चारों को भी गोली मार दी। फायरिंग में ये चारों घायल हो गए। घायलों को पहले जिला अस्पताल फिर वहां से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
खबर मिलते ही गगहा में आसपास के सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। लोगों ने नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया गया। डीआईजी नवीन अरोरा, डीएम रवि कुमार एनजी, एसएसपी डीके चौधरी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सुबह छह बजे लगा जाम दोपहर 12 बजे तक नहीं खुला।
एसओ ज्ञानेंद्र राय को सस्पेंड कर अजय नारायण सिंह को एसओ बनाया गया। छह घंटे तक जाम नहीं खुलने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। हवा में रबर बुलेट और आंसू गैस छोड़कर भीड़ को तितर बितर किया गया। बाबू लाल के भाई बांके लाल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
लोगों के अनुसार बुधवार की शाम आरोपी सन्नी बाबू लाल की दुकान पर रस्सी लेने गया था। यहां कुछ रुपयों को लेकर विवाद हुआ था। आरोपियों ने रात में भी व्यापारी और उसके परिवार पर हमला किया था। उस समय लोगों के जुटने पर हमलावर मौके पर तमंचा छोड़कर फरार हो गए थे। तब हमलावरों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी।