डूडा आफिस में काम करते कर्मचारी। संवाद
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फतेहपुर। नव गठित नगर पंचायत असोथर में निकाय के मानकों के आधार पर विकास कार्य कराए जाएंगे। इसकी शुरुआत 1000 प्रधानमंत्री आवास बनाने से की जा रही है। आफ लाइन जमा आवेदन सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। इसके बाद शासन को सूची भेजकर बजट की मांग की जाएगी। योजना से लोगों के आशियाने का सपना साकार हो सकेगा। सभी पात्र लोगों को ढाई-ढाई लाख रुपये तीन किस्तों में दिए जाएंगे।
पंचायत चुनाव के पहले नवगठित नगर पंचायत असोथर निकाय की पहली योजना पर काम शुरू हो गया है। सबसे पहली योजना के रूप में 1000 प्रधानमंत्री आवास बनाने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। अब प्रधानमंत्री आवासों की लागत ग्रामीण क्षेत्र से दो गुनी ढाई लाख होगी। स्वीकृत होने के बाद लाभार्थी को पहली किस्त में 50 हजार, दूसरी किश्त में डेढ़ लाख और अंतिम किश्त में 50 हजार की धनराशि मिलेगी।
डूडा के परियोजना अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि नवगठित नगर पंचायत असोथर में अभी तक सभी विकास कार्य ठप पड़े थे। पहली योजना के तहत प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है। इससे पात्रों के आवास का सपना साकार होगा।
बसंतलाल का कहना है कि कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा मिलने से लोग खुश हैं। अब नाली, खरंजा के साथ गंदगी की समस्या से निजात मिल जाए तो और बेहतर होगा। इससे स्वास्थ्य के अलावा विकास के रास्ते खुलेंगे।
दीनदयाल का कहना है कि नगर पंचायत का दर्जा मिलने से अब लोगों का पक्की छत मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र में पीएम आवास निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार मिलता है। इससे भवन का निर्माण नहीं हो पाता था।
जगदेव का कहना है कि अरसे बाद नगर पंचायत का दर्जा मिला है। ऐसे में न सिर्फ क्षेत्र का विकास होगा बलिक यहां के लोगों को काम भी मिलेगा। इससे उन्हें पलायन नहीं करना पड़ेगा।
झल्लर का कहना है कि कस्बे में सबसे गंभीर समस्या पीने के पानी की है। चार दशक पुराना ओवरहेड टैंक कंडम हो चुका है। जलापूर्ति के लिए एकमात्र नलकूप है। उम्मीद है कि जलापूर्ति के लिए पर्याप्त संसाधन तैयार होंगे।