फतेहपुर। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा रविवार को होगी। मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप की पूजा करने से ज्ञान की प्राप्ति और बुद्धि का विकास होता है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, उनके लिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अत्यंत शुभ फलदायी साबित होती है।
पंडित दुर्गादत्त शास्त्री के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में पीले या सफेद रंग का विशेष महत्व है। माता की पूजा पीले या सफेद वस्त्र पहनकर करें। साथ ही माता को सफेद चीजें अर्पित करें। पूजन में शक्कर, मिश्री या पंचामृत का का इस्तेमाल करना शुभ है।
पूजा के दौरान ओम ऐं नम: मंत्र का जाप करने से मां प्रसन्न होती है। इसके अलावा फलाहार में मखाना या सिंघाड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस दिन सफेद वस्त्र धारण करके पूजा करनी चाहिए। माता के मंत्रों के साथ उनकी पूजा और उसके बाद इन मंत्रों का जाप करें. माता को चांदी की वस्तुएं भी समर्पित कर सकते हैं।
इसके अलावा इस माता को शक्कर का भोग लगाएं. साथ ही उस प्रसाद को परिवार के सदस्यों के बीच बांटें। ऐसा करने से परिवार के सभी सदस्यों को लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है।
पहले दिन भंडारे में श्रद्धालुओं ने खाया प्रसाद
जन जागरण जागरुकता समिति ने बहरामपुर में नवरात्र के पहले दिन शनिवार को एक दिवसीय मेला और भंडारे का आयोजन किया। भंडारे में पड़ोसी गांवों के श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर मेले का लुत्फ उठाया।
भंडारे में शशि शंकर शुक्ला, योगेद्र प्रसाद दीक्षित, रामशरन लोधी, राकेश केशरवानी, ओमप्रकाश साहू, सुशील गुप्ता, मुन्नी लाल गुप्ता, बाबा अजीत सिंह, शैलेंद्र गुप्ता, संकठा विश्वकर्मा, बब्लू दीक्षित, गंगा साहू, लल्लू गुप्ता, विमल शुक्ला, विकास साहू, कपिल यादव, अनीत कुमार अग्रहरि, अनूप गुप्ता, सुधीर गुप्ता आदि मौजूद रहे।