सीओ खागा जीडी मिश्रा भी घटनास्थल की जांच के लिए पहुंचे। विनय के शरीर व गले पर चोटों के निशान मिले। उसके मुंह व नाक पर खून लगा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
किशनपुर में 14 साल के किशोर की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। किशोर रविवार दोपहर से लापता था। उसका शव सोमवार दोपहर गांव में एक गन्ने के खेत में मिला। थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे पिता को जब यह खबर मिली तो वह मौके पर पहुंचे और पहचान की।
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गर्दन व शरीर पर चोटों के निशान मिले। पिता की तहरीर पर पुलिस ने सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी की तलाश जारी है। किशनपुर थानाक्षेत्र के गाजीपुर गांव निवासी वीरेंद्र यादव किसान है।
रविवार दोपहर करीब तीन बजे उनका पुत्र विनय यादव (14) गायब हो गया। शाम को विनय की खोजबीन परिजनों ने शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। देर शाम वीरेंद्र ने पुलिस को जानकारी दी। सोमवार की सुबह वीरेंद्र बेटे की फोटो लेकर थाने पहुंचा और गुमशुदगी दर्ज कराई।
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जैसे ही वह थाने से निकले तो उन्हें फोन पर बताया कि गांव के सुनील रैदास के गन्ने के खेत में विनय का शव पड़ा है। यह सुनकर वह गांव पहुंचे। देखते ही देखते खेत में गांव के लोग जमा हो गए। सूचना पर इंस्पेक्टर किशनपुर मौके पर पहुंचे और शव को उठाकर गांव ले आए।
सीओ खागा जीडी मिश्रा भी घटनास्थल की जांच के लिए पहुंचे। विनय के शरीर व गले पर चोटों के निशान मिले। उसके मुंह व नाक पर खून लगा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पिता वीरेंद्र ने गांव के एक पिता-पुत्र सहित सात के खिलाफ अपहरण व हत्या की तहरीर दी।
पुलिस ने इंद्रजीत उसके पुत्र विमल, रामदत्त, जितेंद्र, सुरेश, दिनेश व कमलेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। विमल, कमलेश व सुरेश फरार हैं। जबकि अन्य चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इंस्पेक्टर शेर सिंह ने बताया कि सात लोगों के खिलाफ अपहरण, हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। चार को गिरफ्तार किया गया है।
मार दिया, जो करना हो कर लो...
पुलिस ने जब शव की जांच की तो विनय के कमर में दाहिनी ओर पेन से एक संदेश लिखा हुआ था। लिखा था कि मार दिया जो करना हो कर लो। संदेश में कातिल ने परिजनों के लिए अपशब्द भी लिखे थे। विनय पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर का था। उसकी सबसे बड़ी बहन सीमा, फिर रेशमा, चेतना और छोटा भाई सचिन हैं। विनय कक्षा आठ का छात्र था।
जामुन खाने और फिर आटा-चक्की पर हुआ था झगड़ा
अपहरण व हत्या के इस मामले में वीरेंद्र सिंह ने जिन लोगों को नामजद किया है, उसमें एक पिता व पुत्र है। इस परिवार से वीरेंद्र के परिवार का हाल ही में विवाद हुआ था। विवाद बच्चों का था और यह झगड़ा दो बार हुआ। एक बार पुलिस ने दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान भी किया।
नामजद आरोपियों में इंद्रजीत व उसका पुत्र विमल है। जानकारी के मुताबिक, करीब महीना भर पहले आरोपी विमल और विनय यादव का जामुन खाने के दौरान झगड़ा हो गया था और दोनों के बीच मारपीट हुई। इसमें परिवार के लोगों से भी विवाद हुआ था। पुलिस ने दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान किया था। 15 दिन पहले विनय गांव की एक आटा-चक्की में गेहूं लेकर पहुंचा था।
यहां पर विमल पहले से मौजूद था। पहले गेहूं तौलाने को लेकर भी उनके बीच हाथापाई हुई, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर दिया था। विवाद के कारण दोनों परिवार के बीच खुन्नस बनी थी। आरोप है इसी विवाद के चलते विनय की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई।
फोटोकॉपी की दुकान में मिला खून
विनय की हत्या के मामले में जांच में जुटी पुलिस गाजीपुर चौराहा स्थित एक फोटोकॉपी की दुकान पर पहुंची। यह दुकान विमल की है। दुकान रविवार को खुली थी, लेकिन पांच बजे के बाद बंद हो गई थी। पुलिस ने दुकान खुलवाकर जांच की तो फर्श व दीवार पर खून की छींटे मिले।
सीओ खागा ने फोरेंसिक टीम को सूचना दी और दुकान को बंद करा दिया। देर शाम फोरेंसिक टीम दुकान पहुंची और खून की जांच की। टीम अपने साथ विनय की चप्पल, कपड़े व एक बोतल ले गई है। चप्पल व बोतल खेत में ही पड़े थे, जिन्हें पुलिस ने उठाया था।