फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फरीदाबाद से लौटे युवक ने फांसी लगा दी जान

विज्ञापन
विज्ञापन
शाह। चार साल से फरीदाबाद में रहकर रोजगार करने वाले एक युवक ने शुक्रवार को गांव आने के बाद फांसी लगा ली। उसका शव गांव के बाहर एक पेड़ से रस्सी के सहारे लटकता मिला। वह गांव आने के बाद घर नहीं गया। ऐसे में उसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। शनिवार देर शाम परिजन मर्च्युरी पहुंचे और शिनाख्त की।
विज्ञापन

गाजीपुर थानाक्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के बाहर सुअर बाड़ा के पास एक पेड़ पर लोगों ने युवक (18) की शव लटकता देखा। खबर फैली तो वहां लोग जमा हो गए और शाह चौकी पुलिस भी पहुंच गई। युवक के पैर जमीन को छू रहे थे और पैरों से हल्का सा खून भी निकल रहा था। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। कोई भी उसे पहचान नहीं पाया। नीले रंग की पैंट व काले रंग की हाफ-टीशर्ट व माथे पर रुमाल बांधे इस युवक की फोटो पुलिस ने वायरल की।
तब फरीदबाद निवासी मोहन व उनकी पत्नी मीरा ने सुल्तानपुर गांव में रहने वाले परिजनों को फोन करके बताया कि गोविंद उर्फ अंशु पुत्र सीताराम प्रजापति ने फांसी लगा ली है और उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह सुनकर घर में कोहराम मच गया।
विज्ञापन

परिजन पुलिस के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें फतेहपुर भेजा। मर्च्युरी पहुंचकर पिता सीताराम ने शव बेटे गोविंद उर्फ अंशु का बताया। एसओ नीरज यादव ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए फरीदाबाद के रहने वाले गोविंद के जीजा व बहन ने उसे पहचाना और घर में सूचना दी। तब शिनाख्त हो सकी।
चार साल पहले गया था फरीदाबाद
गोविंद उर्फ अंशु दो भाई व दो बहन हैं। घर में पिता सीताराम व मां रेखा देवी हैं। उन्होंने बताया कि करीब चार साल पहले वह फरीदाबाद गया था और होटल में मजदूरी करता था। वह फरीदाबाद से कब गांव आया, इसकी सूचना उन्हें नहीं मिली। हालांकि ग्रामीणों में चर्चा थी कि शुक्रवार की शाम अंशु दशवामील चौराहे के पास घूमते हुए देखा गया था। कोई उसे पहचानता नहीं था, इसलिए किसी ने उसे टोका भी नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें