फतेहपुर। अब परिषदीय स्कूलों में बजट की कमी से जरूरी काम नहीं रुकेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने बजट मुहैया कराने के लिए स्टेट बैंक को नोडल बनाया है। जिलेभर के सभी स्कूलों के नजदीकी एसबीआई शाखाओं में जीरो बैलेंस खाते खुलेंगे और ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलेगी। शिक्षक कभी भी जरूरत के हिसाब से धनराशि इस खाते से निकाल सकेंगे। बाद में विभाग इस धनराशि को वापस कर देगा।
अभी तक जिला बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूलों के रखरखाव, किताबें, यूनीफार्म, स्वेटर, जूता, मोजा और एमडीएम आदि के लिए हर साल शासन को बजट की डिमांड भेजनी पड़ती है, लेकिन अब इससे छुटकारा मिलने वाला है।
बीएसए संजय कुशवाहा ने बताया कि जिले के सभी स्कूलों को जेड बीएसए खाता खोलने के निर्देश दिए गए हैं। हथगाम ब्लाक के सभी स्कूलों के खाते स्टेट बैंक शाखा अंबिलिहापाल में खोलने का काम शुरू भी हो चुका है। इस खाते में कभी बैलेंस शो नहीं करेगा।
इसमें हर समय जीरो बैलेंस रहेगा। जरूरत पर शिक्षक इस खाते से धनराशि निकाल सकेंगे। पैसा निकालने के बाद उतनी ही धनराशि खाते में माइनस में दिखेगी। खाता माइनस में होते ही विभाग से खाते में सीधे धनराशि पहुंचा दी जाएगी और खाता फिर जीरो बैलेंस में पहुंच जाएगा। यह खाते कुछ ही घंटो के लिए माइनस बैलेंस में रहेंगे। इसके बाद जीरो बैलेंस में पहुंच जाएंगे। अब कोई भी शिक्षक यह कहकर जिम्मेदारी से मुकर नहीं सकेगा कि स्कूल में बजट नहीं है। (संवाद)
योजना लागू होने वाले स्कूलों की श्रेणी और संख्या
प्राथमिक स्कूल- 1907
उच्च प्राथमिक स्कूल- 747
एडेड उच्च प्राथमिक स्कूल- 50
एडेड माध्यमिक स्कूल - 72