ेत में जल रही पराली की फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। पराली जलाने वाले किसानों को सेटेलाइट से चिह्नित करने में जिले में अब तक 70 मामले आग लगाने के मिले हैं। इनमें 29 स्थानों पर कूड़ा जलाने और 32 स्थानों पर पराली जलाने की रिपोर्ट मिली है। वहीं नौ स्थानों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
हार्वेस्टर से धान की फसल काटने के बाद पराली साफ करने के लिए किसान उसमें आग लगा देते हैं। पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ता है। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और पराली जलाने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। केंद्र सरकार द्वारा अब सेटेलाइट से पराली जलाने के मामले चिह्नित किए जा रहे हैं। जिसमें ये 70 मामले आग लगाने के कैद हुए।
कृषि विभाग व राजस्व विभाग की टीम से इनकी जांच शुरू की तो उसमें 32 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई है। पराली जलाने वाले किसानों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने कहा कि जिन किसानों के खेत में पराली जलाई गई है, उनको चिह्नित करके जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। जिले में अभी तक 32 किसानों ने खेत में पराली जलाई है।