फतेहपुर। झारखंड से 32 टन सरिया लेकर निकला ट्रेलर को वाराणसी में चालक को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर लूट लिया गया। जीपीएस की लोकेशन न मिलने पर ट्रेलर की तलाश करते शहर पहुंचे मैनेजर ने गोदाम के पास ट्रेलर खड़ा देख पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने बिहार के एक युवक को दबोच लिया लेकिन मास्टर माइंड गोदाम मालिक समेत अन्य बदमाश भाग निकले।
हरियाणा निवासी चंद्रप्रकाश सुपर सोनिक लॉजिस्टिक कंपनी कोलकाता में मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि कपंनी का ट्रेलर जमशेदपुर के चाईबासा से करीब 25 लाख कीमत की 32 टन सरिया लेकर आठ मार्च को नोएडा के लिए चला था। नौ मार्च 11: 57 बजे ट्रेलर का जीपीएस सिस्टम और चालक का मोबाइल बंद हो गया।
खागा टोल प्लाजा पर दस मार्च को फास्टटैग से टोल टैक्स कटा। ट्रेलर खागा के आसपास होने की जानकारी मिली। ट्रेलर की तलाश करते चंद्रप्रकाश फतेहपुर पहुंचे। उन्हें खागा जाना था। हाईवे पर जाम लगा होने पर नउवाबाग में पुलिस कर्मी ने शहर के अंदर से कार मुड़वा दी।
महर्षि विद्या मंदिर स्कूल के मोड़ पर ट्रेलर खड़ा देख चंद्रप्रकाश ने पुलिस को सूचना दी।
ट्रेलर ओमप्रकाश बाजपेयी उर्फ संतू के गोदाम में खड़ा था। पुलिस को चकमा देकर ओमप्रकाश भाग निकला। ट्रेलर के पास बिहार के जिला शेखपुरा कोतवाली क्षेत्र के कनइया निवासी निहाल खान को पकड़ा गया। गोदाम में ओमप्रकाश की स्कार्पियो और बुलेट बाइक भी मिली।
ट्रेलर लूट में शामिल कुछ लोगों की सूचना पर पुलिस होटल पहुंची लेकिन वहां कोई नहीं मिला।
पुलिस के अनुसार निहाल ने बिहार के इमरान खान, ओमप्रकाश बाजपेयी व कुछ अन्य साथियों के साथ ट्रेलर लूटना कबूल किया। बताया कि वाराणसी में हाईवे के एक ढाबे पर ट्रेलर चालक को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया। उसे प्रयागराज के नवाबगंज के पास फेंका कर ट्रेलर फतेहपुर ले आए थे।
पुलिस चालक रामदरश सिंह चौहान निवासी इब्राहीमपुर जिला गाजीपुर की तलाश में जुटी है। प्रयागराज पुलिस से भी संपर्क किया गया है। कार्यवाहक कोतवाल प्रभुनाथ यादव ने बताया कि चालक और अन्य लुटेरों की तलाश की जा रही है।
निहाल ने बताया कि उनके पास एक खाली ट्रक था। उसे हुसैनगंज मार्ग पर खड़ा किया गया है। पुलिस के पहुंचने से पहले लुटेरे ट्रक लेकर भाग गए। खाली ट्रक का बदमाश सरिया बेचने के लिए लोडिंग में इस्तेेमाल करते।
लुटेरों ने ट्रेलर में फर्जी नंबर प्लेट जेएच 05 सीवी 0179 लगा रखी थी। मैनेजर चंद्रप्रकाश ने बताया कि ट्रेलर का नंबर नागालैंड का है। कंपनी के नाम की पेटिंग से वह ट्रेलर को पहचान गए। उन्हें अंतिम लोकेशन खागा में मिली थी।
ओमप्रकाश बाजपेयी मलवां थाना क्षेत्र के दावतपुर का रहने वाला है। जेल के पीछे साईं विहार कालोनी में करीब एक बीघा में उसका घर है। महर्षि स्कूल के पास उसका गोदाम है। ओम प्रकाशश् दो साल पहले औरेया जिले में चालक की हत्या कर ट्रक लूट में पकड़ा गया था।
एक माह पहले भी खागा कोतवाली क्षेत्र में हाईवे पर सरिया लदा ट्रेलर लूट की कोशिश में भी उसके गैंग का हाथ माना जा रहा है। गोदाम पर पीआरवी कर्मियों पर ओमप्रकाश ने अच्छी जान पहचान की धौंस जमाई और एक दरोगा से बात कराई। इसके बाद भाग निकला।