फतेहपुर। खजुहा में अवैध तरीके से रहे सऊदी अरब के भाई-बहन के पकड़े जाने के बाद शुक्रवार को लोकल आईबी की टीम आरोपी जीशान के घर पहुंची। पिता मोहम्मद सुलेमान और अन्य परिवार वालों से काफी देर तक पूछताछ करती रही। एलआईयू ने क्षेत्र के लोगों से जीशान के बारे में जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया है कि सऊदी से अपनी बहन के साथ आया युवक शादी के लिए ही यहां आया था। जिला प्रशासन ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब दूतावास से भी पूरे मामले की जानकारी मांगी गई है।
बिंदकी कोतवाली के खजुहा कस्बे के बाग बादशाही कटरा मोहल्ला निवासी मोहम्मद सुलेमान के घर से सऊदी अरब के रहने वाली नौरा उर्फ महाजारी नूरा और उसके भाई नईफ मोहम्मद को पकड़ा था। इन पर आरोप था कि यह लोग वीजा न होने के बाद भी फर्जी आधार की मदद से नेपाल के रास्ते भारत में दाखिल हुए और यहां रह रहे थे। इन दोनों को मोहम्मद सुलेमान का बेटा जीशान नेपाल के रास्ते यहां लाया था। खजुहा में जीशान की बहन की शादी नईफ मोहम्मद के साथ पांच अगस्त को होनी थी।
शुक्रवार को एलआईयू को साथ लेकर आईबी की टीम मोहम्मद सुलेमान के घर पहुंची। जांच एजेंसियों ने मोहम्मद सुलेमान से पूछताछ की। जिसमें सामने आया कि करीब चार माह पहले जीशान सऊदी में था, तभी जीशान वीडियो कॉलिंग पर परिवार के लोगों से बातचीत करता था। जीशान का दोस्त नईफ था। नईफ के परिवार को जीशान की बहन पसंद आ गई। परिवारों के बीच निकाह की बात तय हो गई। इसके बाद नईफ बहन नौरा को लेकर शादी करने आया था।
सऊदी अरब से दोनों भाई-बहन 19 जुलाई को काठमांडू पहुंचे। उन्हें लेने के लिए जीशान पहुंचा था। 23 जुलाई को गोरखपुुर सुनौली बॉर्डर पहुंचे थे। काठमांडू में चार दिन तक तीनों एक होटल में रुके रहे और घूमते फिरते रहे है। 24 जुलाई को यह लोग खजुहा पहुंच गए। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया मामले की जांच में किसी तरह के आपराधिक मामले में आरोपियों के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है। वह शादी के मकसद से ही आए थे।
ग्रामीणों में भाई, बहन के बारे में तरह-तरह की चर्चाएं रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जीशान के साथ बाइक से घूमने फिरने के लिए निकलता था। वह अरबी में बातचीत करता था। अरबी उन लोगों के समझ में नहीं आती थी। कुछ लड़कों के साथ क्रिकेट भी खेलने गया था। यहां उसकी भाषा सुनकर साथी लड़के हैरान हो गए थे।
जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब से आए दोनों भाई-बहन जुर्माने के बाद छूट सकते हैं, फिलहाल दोनों जेल में हैं। प्रशासन ने उनकी सुरक्षा चौकसी और व्यवस्थाओं को लेकर जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं। सऊदी अरब दूतावास के संज्ञान में लेने के बाद दोनों पर जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन की नजर में उनका कोई आपराधिक कृत्य नहीं माना जा रहा है।
बिंदकी। जीशान के घर में एक किराने की दुकान है। जहां लोगों का सुबह से ही आना जाना लगा रहा। लोग दुकान में मामले को लेकर ही चर्चा करते रहे। तभी परिवार ने दुकान बंद कर ताला लगा दिया। (संवाद)