जंगली घास से पटी असोथर क्षेत्र की माइनर। संवाद
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फतेहपुर। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण तय समय में रजबहा व माइनरों की सिल्ट सफाई कराना संभव नहीं है। नहरों का पानी बंद किए हुए 25 दिन बीत गए हैं, लेकिन अभी सिल्ट सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। 2.06 करोड़ रुपये से 327 किमी सिल्ट सफाई 30 नवंबर तक कराई जानी है।
नहर के टेल तक के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी दिए जाने के लिए रजबहा व माइनरों की सिल्ट सफाई कराने के शासन से निर्देश दिए गए हैं। जिले की निचली गंगा नहर के रजबहा व माइनरों में 327 किमी की सिल्ट सफाई कराई जानी है। इसके 15 अक्तूबर को नहर का पानी बंद कर दिया गया था और एक नवंबर से 30 नवंबर से सिल्ट सफाई कराने के निर्देश दिए गए थे। इधर, एक हफ्ते से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक सिल्ट सफाई का काम शुरू नहीं हुुआ है। असोथर क्षेत्र के कठौता माइनर, बेरुई मानइर व सुजानपुर रजबहा जंगली घास से पटे पड़े हैं।
किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी से ठेकेदार सिल्ट सफाई कराने में हीलाहवाली किए हैं। जब नहर में पानी छोड़ने का समय आता है, तो ठेकेदार सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूरी कर देते हैं। अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि अक्तूबर में जो बारिश हुई है, उसके कारण रजबहा व माइनरों की तली में अभी पानी भरा हुआ है। इस कारण से ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं कराया है। अब पानी कम हो गया है, जल्द ही सिल्ट सफाई का काम शुरू हो जाएगा और समय पर खत्म कराया जाएगा।