फतेहपुर। जिले में एक स्वास्थ्य कर्मी समेत दो लोगों की बुखार से मौत हो गई। सोमवार को भेजे गए नमूनों में तीन डेंगू रोगी चिह्नित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने तीन गांवों में कैंप लगाकर 74 बुखार के नए रोगी चिह्नित किए हैं। इनमें 27 संदिग्ध डेंगू रोगियों के नमूने जांच के लिए कानपुर भेजे गए हैं।
अमौली निवासी राजेंद्र कुमार (36) खजुहा ब्लाक के बारा अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात थे। बुखार से हालत गंभीर होने पर परिजन सोमवार को कानपुर ले गए, जहां पर देर रात उनकी मौत हो गई। राजेंद्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
इसी ब्लाक क्षेत्र के रिठवा गांव में ओम सिंह उर्फ मुलायम सिंह (30) को बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने कानपुर में भर्ती कराया था। मंगलवार की दोपहर ओम सिंह की मौत हो गई। हसवा निवासी प्रीती (24), अमौली ब्लाक के मेढ़ापाटी गांव निवासी हीरालाल (50), ऐरायां ब्लाक के गड़ोलेपुर निवासी छाया (40) की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने ऐरायां ब्लाक के गडोलपुर में कैंप लगाया। कैंप में 11 बुखार रोगी चिह्नत किए गए। गांव में जलभराव वाले स्थानों पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। धाता ब्लाक के कारीकान धाता में स्वास्थ्य कैंप में 25 बुखार रोगी चिह्नित किए गए।
पांच के नमूने डेंगू जांच के लिए भेजा गया। शेष की मलेरिया जांच के लिए स्लाइन बनाई गई। गांव में एटी लार्वा का भी छिड़काव कराया गया। हसवा ब्लाक के बेर्रांव में कैंप लगाकर 20 बुखार रोगी चिह्नित किए गए। इनमें 13 का नमूना डेंगू जांच के लिए भेजा गया।
अमौली प्रतिनिधि के अनुसार मेढा पाटी में स्वास्थ्य टीम ने कैंप लगाकर मरीजों का परीक्षण कर दवाएं वितरित कीं। कैंप में कुल 18 मरीज आए, जिसमें नौ मरीजों का नमूना डेंगू जांच के लिए भेजा गया। चिकित्साधीक्षक डा. पुष्कर कटियार ने सफाई के साथ एंटी लार्वा के छिड़काव का निरीक्षण किया। साथ ही ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक भी किया।