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बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों ने खेतों में तिरपाल लगा बनाया आशियाना

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फतेहपुर। बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर 52 सेमी और बढ़ गया। अब यमुना खतरे के निशान से 2.45 मीटर ऊपर बह रही हैं। पानी 17 और गांवों तक पहुंच गया है। जबकि 20 गांवों से कस्बों और मुख्यालय का संपर्क टूट गया है। पलटू पुरवा गांव को खाली करा दिया गया है। प्रभावित गांव के लोगों ने ऊंची जगहों की ओर पलायन किया है और तिरपाल तानकर रह रहे हैं।
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यमुना की बाढ़ से ललौली क्षेत्र के पलटू पुरवा गांव के किनारे बना बंधा रविवार शाम टूट गया था, जिससे गांव में पानी भर गया। गांव से बाहर निकल कर आए लोगों ने खेतों में रात गुजारी। सुबह तिरपाल और बांस के सहारे आशियाना बनाना शुरू किया। यहीं अब गृहस्थी रखी है। खेतों में चूल्हा बनाकर खाना पका रहे हैं। वहीं, अमौली
क्षेत्र में यमुना के उफान से नोन नदी में भी बाढ़ आ गई है। यमुना किनारे के गौरी औरा गांव का उच्च प्राथमिक स्कूल बाढ़ की चपेट में आ गया है। यहीं पर बना प्राथमिक स्कूल का भवन भी आधे से ज्यादा बाढ़ की चपेट में है। किशनपुर क्षेत्र के असहट गांव का संपर्क टूट गया है। असहट के लोगों को कस्बा व तहसील मुख्यालय जाने के
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लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, यमुना नदी में 100 मीटर पर खतरे का निशान है। रविवार को यमुना का जलस्तर 101.73 मीटर था, जो सोमवार को 102.45 मीटर पर पहुंच गया है। वहीं, गंगा का जलस्तर 100.15 मीटर पर है। गंगा में खतरे का निशान 100.86 मीटर पर है।
बांदा-कानपुर स्टेट हाईवे पर तीन फीट से अधिक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ की चपेट में अब ललौली कस्बा भी आ गया है। ललौली के मकानों और दुकानों में बाढ़ का पानी भरने लगा है। लोग सामान निकाल कर ऊंचाई वाले स्थानों पर जा रहे हैं।
पलटूपुर गांव बाढ़ की चपेट में आने से 20 परिवार प्रभावित हुए हैं। महिलाएं व बच्चे घर से निकल कर खेतों में डेरा डाल दिए हैं। बच्चों को बाढ़ के पानी से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रही हैं।
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फोटो-26- किशनपुर क्षेत्र में बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करते खागा एसडीम व तहसीलदार शशिभूूषण मिश्रा। संवाद
एसडीएम और तहसीलदार नाव से पहुंचे असहट
किशनपुर। यमुना के बढ़ते जलस्तर और बारिश से असहट गांव के घरों की नींव दरकने लगी है। सोमवार को एसडीएम व तहसीलदार गांव पहुंचे। बाढ़ प्रभावित घरों को खाली कराया। सभी को प्राइमरी स्कूल में रोका।
एसडीएम आशीष कुमार व तहसीलदार शशिभूषण मिश्र राजस्व टीम व पुलिस बल के साथ किशनपुर पहुंचे। नाव के जरिए अधिकारी बाढ़ का निरीक्षण करते हुए असहट गांव में दाखिल हुए। इस दौरान उन्होंने गांव किनारे जो घर बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं, उनका निरीक्षण किया। सभी परिवारों का ब्योरा दर्ज किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यमुना के जलस्तर के कारण कच्चे घरों के गिरने का खतरा है। ऐसे में एसडीएम ने परिवारों को घर खाली करने को कहा। पुलिस बल की मदद से परिवारों को तुरंत गांव किनारे से हटाकर प्राइमरी असहट में ले जाया गया। एसडीएम व तहसीलदार की देखरेख में करीब 33 लोगों को सुरक्षित प्राइमरी में बने राहत केंद्र में ले जाया गया। उन्होंने गांव के दस ऐसे लोग जो तैराकी में निपुण हैं, उनकी टीम बनाई और उन्हें जलस्तर पर निगरानी रखने को कहा। उन्हें बाढ़ से होने वाली कटान या अन्य नुकसान पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी है।
इनसेट:
सेमरी गांव में घुसा यमुना का पानी
धाता। यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण धाता विकास खंड के सेमरी गांव में पानी प्रवेश कर गया है। अभी तक पानी ग्राम सचिवालय के पास तक पहुंचा था, लेकिन रविवार की रात जलस्तर बढ़ने से पानी गांव में आ गया है। फिलहाल पानी घरों के बाहर जमा है और किसी भी समय घरों के अंदर प्रवेश कर जाएगा। इससे लोगों में दहशत है। (संवाद)
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