जहानाबाद। प्राचीन मंदिर से 300 साल पुरानी कीमती धातु की मूर्तियों को चोरी करने का पहले भी प्रयास हुआ है। जिसमें चोरों ने पुजारी की हत्या कर दी थी। पुलिस पांच साल पहले हुई उस घटना से भी चोरों का सुराग तलाश रही है। घटना के बाद से पुलिस ने कई संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की है।
लालूगंज स्थित ठाकुरद्वारे से 26 अगस्त की रात लड्डू गोपाल और भगवान श्री कृष्ण की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गईं थीं। घटना की छानबीन में पुलिस को पता लगा कि पुजारी उमाकांत के पिता राजेंद्र प्रसाद बाजपेई भी ठाकुरद्वारा में पांच साल पहले पुजारी हुआ करते थे। मूर्तियों को चोरी करने के लिए बदमाश आए थे। राजेंद्र प्रसाद सो रहे थे और
चोरों की आहट से उनकी नींद खुल गई थी। जिस पर बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। वे मूर्तियां ले जाने में नाकाम रहे थे। उधर, पुलिस को यह बात भी खटक रही है कि जिस दिन पेंटिंग का काम खत्म हुआ, उसी रात
मूर्तियां चोरी हो गई। मंदिर की सुरक्षा के लिए एक चौकीदार भी बाहर सो रहा था। पुलिस ने उसे भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पेंटिंग में लगे दो मजदूरों से पूछताछ की जा रही है। थाना प्रभारी राकेश पांडेय ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है। जल्द खुलासा होगा।