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वीडीओ, सेक्रेटरी और पूर्व प्रधान पर गबन का मुकदमा

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फतेहपुर। देवमई ब्लॉक के रसूलपुर बकेवर ग्राम सभा में करीब साढ़े चार करोड़ के गबन मामले में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), पंचायत मित्र और पूर्व प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर विकास कार्यों के फर्जी तरीके से भुगतान कराने का आरोप है।
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बकेवर पुलिस ने सीजेएम कोर्ट के आदेश पर पूर्व प्रधान दिनेश कुमार दीक्षित निवासी रसूलपुर बकेवर, जितेंद्र कुमार ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) और पंचायत मित्र सतेंद्र कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में रसूलपुर बकेवर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता श्रीराम वादी हैं।
जानकारी के मुताबिक 2015-2016 से 2020-21 तक ग्राम प्रधान दिनेश कुमार दीक्षित रहे हैं। आरोप है कि प्रधान ने 2016 से 2020 तक में कोई विकास कार्य नहीं कराया, लेकिन सरकार से बराबर धन लिया गया। ग्राम प्रधान, वीडीओ जीतेंद्र कुमार व पंचायत मित्र सतेंद्र कुमार ने मिलकर सरकारी धन का गबन किया।
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2019-20 में रोड व आवास योजना में 16 लाख, अप्रैल मई 2019 में 90 हजार रुपये, एक लाख रुपये अक्टूबर, नवंबर 2019 में खड़ंजा निर्माण, अप्रैल मई 2019 में 50 हजार रुपये, जनवरी-फरवरी 2020 में सीमेंट, कुर्सी, बेंच के लिए एक लाख रुपये, अप्रैल-मई 2019 में 60 हजार, अप्रैल मई 2019 में दो लाख, अप्रैल मई 2019 में डेढ़ लाख, दिसंबर 2019-2020 में तीन लाख, अप्रैल अप्रैल मई 2019 में डेढ़ लाख की हेराफेरी की गई।
इस तरह से कुल मिलाकर अलग-अलग कामों को दिखाकर साढ़े चार करोड़ सरकारी खाते से भुगतान करा दिया गया। वादी ने बताया कि मामले में आरटीआई के तहत कई बार सूचना मांगी , लेकिन उपलब्ध नहीं कराई गई। वीडीओ और पंचायत मित्र द्वारा जान माल की धमकी भी दी गई। दोनों ने सूचना देने के एवज में 30 हजार 900 रुपये भी मांगे। विरोध करने पर उन लोगों ने गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दिया। थाने में सुनवाई न होने पर वादी ने एसपी से 22 मार्च को शिकायत की। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली।
पूर्व प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि आरोप गलत लगाए गए हैं। हालांकि उन्हें एफआईआर की जानकारी नहीं है। थाना प्रभारी जयचंद भारती ने बताया गबन और गालीगलौज की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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वीडीओ पर एफआईआर की कोई जानकारी नहीं है। यदि अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि होती है तो संबंधित वीडीओ पर कार्रवाई की जाएगी।
- एमपी उपाध्याय, प्रभारी डीडीओ
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