फतेहपुर। धोखाधड़ी कर देश की नागरिकता लेने वाले मौलाना की जांच के बाद नेपाल से टीम लौटकर आई है। टीम ने मौलाना की पूरी कुंडली खंगाली और नेपाल मूल के होने के दस्तावेज भी इकट्ठा किए हैं। अब पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
गाजीपुर कस्बे की बड़ी मस्जिद के मौलाना फिरोज आलम रिजवी को पुलिस ने 30 सितंबर को गिरफ्तार किया था। उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, निर्वाचन कार्ड बरामद हुआ था। करीब 20 साल से मौलाना जिले में रह रहा था।
मौलाना पर धर्मांतरण कराने का भी आरोप लगा है। गलत तरीके से नागरिकता लेने और धर्मांतरण के आरोप में मौलाना जेल में बंद है।
मौलाना के बांग्लादेश और रोहिंग्या के होने की भी चर्चा उठी थी।
विवेचक हसनैन टीम के साथ ने मौलाना की कुंडली खंगालने नेपाल गए थे। टीम नेपाल से लौट आई है। मौलाना का परिवार नेपाल में महोत्तरी जिले के गौशाला थाना सोनमा गांव का निवासी निकला है।
जहां उसकी दो पुत्रियां फातमा खातून और जेलम खातून और पत्नी मर्जीना खातून मिले हैं। पुलिस ने नेपाल सरकार का आईडी कार्ड, परिवार के आईडी कार्ड समेत तमाम दस्तावेज जुटाए हैं। थानाध्यक्ष नीरज यादव ने बताया कि टीम लौट आई है। मौलाना के नेपाल का होने की तस्दीक हुई है।