खागा। किशनपुर थानाक्षेत्र के रारी गांव में पीआरवी 1182 में डीजल चोरी को लेकर जो बवंडर उठा है, उसे विभागीय जांच का हवाला देकर शांत किया जा रहा है।
सबसे मजेदार बात ये है कि पुलिस, अपनी ही जड़े खोदने के नाम पर कांप रही है। इसलिए अब तक न तो उस लड़के का पता चला है जो डीजल लेने के लिए आया था और न ही जांच अधिकारी उस तह तक पहुंच पा रहे हैं कि आखिर घटनास्थल पर क्या हुआ।
मंगलवार की रात किशनपुर थाने की पीआरवी 1182 में चालक मुख्य आरक्षी लाल विनोद सिंह, सब कमांडर फूलचंद्र व मुख्य आरक्षी राम नारायण दुबे की ड्यूटी थी।
राम नारायण दुबे ने पुलिस को यह बयान दिया कि रात करीब पौने दो बजे वह रारी गांव में तीरथ के घर के सामने पेट दर्द होने पर खेत में शौच के लिए गया था।
जब वह लौटा तो उसने देखा कि चालक लाल विनोद सिंह एक युवक को पिपिया में कुछ दे रहा है। वह पास पहुंचे तो पता चला कि पिपिया में डीजल था। यह देख उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया।
आरोप लगाया कि यह देख लाल विनोद सिंह ने उस पर डीजल उड़ेल दिया और आग लगाने का प्रयास किया। इस मामले की जांच सीओ खागा जीडी मिश्रा कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने पीआरवी चालक लाल विनोद सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के निर्देश दिए है।
पौने दो बजे आने वाला युवक कौन था
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है की पौने दो बजे गाड़ी से चोरी का तेल लेने वाला युवक कौन था और वह कब से चोरी का तेल खरीद रहा था। अब तक सीओ खागा या किशनपुर पुलिस उसे पहचान नहीं सकी है।
दोनों की वर्दी थी भीगी
बताया जा रहा है कि जब किशनपुर पुलिस मौके पर पहुंची तो राम नारायण दुबे की वर्दी पर तेल पड़ा हुआ था और तेल लाल विनोद सिंह की वर्दी पर भी था। दोनों के बीच वीडियो बनाने को लेकर झगड़ा हुआ और राम नारायण ने तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया। इस दौरान सब कमांडर फूलचंद्र की क्या स्थिति थी, इस पर भी कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच के बाद मुख्य आरक्षी को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया हैं। मुकदमा होना या नहीं होना विभागीय जांच के बाद साफ होगा। मुकदमा होता है तो उसके बाद तेल खरीदने आए युवक की पहचान की जरूरत पड़ेगी। - जीडी मिश्रा, सीओ खागा