फतेहपुर। दवा आपूर्ति की फर्म बनाकर व्यापारियों से ठगी करने के आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी।
बिंदकी के ठठराही निवासी बृजेश शर्मा दवाओं का कारोबार करते हैं। इनकी मुलाकात कानपुर के किदवई नगर निवासी भारतेंदु गुप्त से हुई। भारतेंदु ने बृजेश को बताया कि युवराज वैक्सीन हाउस नाम से उसकी फर्म है।
इसी से वह दवाओं की सप्लाई करता है। बृजेश ने उससे दवाएं लेना शुरू कर दिया। दवाओं के बदले पैसों का लेनदेन बकायदा बैंक खाते में होता था। शुरुआत में लेनदेन ठीक चला।
मगर वर्ष 2018 से अक्तूबर 2020 के बीच में भारतेंदु ने बृजेश से दवाओं की सप्लाई के नाम पर धीरे-धीरे 11 लाख 94 हजार रुपये अपने खाते में मांग लिए। मगर दवाओं की सप्लाई नहीं दी।
बृजेश ने भारतेंदु के बारे में अन्य व्यापारियों से पता किया तो मालूम हुआ कि भारतेंदु बकेवर के हरईखेड़ा गांव के दवा व्यापारी राजेश कुमार का भी 10 लाख रुपये हड़प गया है और नवंबर 2020 में जेल में है।
यह जानकारी होने के बाद बृजेश ने भी भारतेंदु गुप्त के खिलाफ बिंदकी कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया। गुरुवार को भारतेंदु गुप्ता की ओर कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई।
कोर्ट में बृजेश की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता देंवेद्र भदौरिया और अधिवक्ता अर्जुन सिंह ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। जिन पर विचार करते हुए अपर जिला जज रविकांत ने भारतेंदु गुप्त की जमानत याचिका खारिज कर दी।