फतेहपुर। भाभी से दुष्कर्म करने वाले देवर को कोर्ट ने 10 साल कैद और 29 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने बताया कि महिला पर उसके चचेरे देवर चंदन सिंह यादव की नीयत खराब रहती थी। देवर ने 19 अप्रैल 2015 की शाम महिला के साथ घर में घुसकर छेड़खानी की थी।
जिसके बाद महिला अपने मायके भाई की शादी में शामिल होने चली गई थी। महिला 27 अप्रैल की शाम जंगल गई थी। जहां चंदन सिंह ने महिला को तमंचे से गोली मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया था।
जिसकी शिकायत महिला ने ससुर व पति से की थी। ससुर ने कोर्ट के माध्यम से खागा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। दुष्कर्म के बाद महिला गर्भवती हो गई थी। नौ फरवरी 2016 को महिला ने बच्चे को जन्म दिया।
कोर्ट ने चंदन सिंह, महिला और बच्चे के डीएनए की जांच के आदेश दिए थे। डीएनए जांच में इसकी पुष्टि हुई। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार मानकर अपर सत्र न्यायाधीश नित्या पांडेय ने सोमवार को आरोपी को सजा सुनाते हुआ अर्थदंड लगाया।