फतेहपुर। जिला मुख्यालय के निरीक्षण पर आए मंडलायुक्त संजय गोयल ने विकास कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक विकास भवन के सभागार में हुई। जिसमें उन्होंने 50 लाख से अधिक की लागत से कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में एक दशक से निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और कार्यदायी संस्था के कामों के लिए जांच कमेटी गठित कर दी।
समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने देखा कि राजकीय निर्माण निगम को जून 2011 में 3.74 करोड़ की लागत का स्वास्थ्य केंद्र बनाने का काम दिया गया था। जिसका स्टीमेट बाद में बढ़कर 4.87 करोड़ हो गया। इसी क्रम में दपसौरा में भी 3.74 करोड़ की लागत का स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए अप्रैल 2015 में काम दिया गया। इसका भी स्टीमेट बढ़कर 5.9 करोड़ हो गया लेकिन काम यहां भी आजतक पूरा नहीं हुआ।
जिससे नाराज मंडलायुक्त ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना निदेशक को जमकर लताड़ लगाई और पीडब्ल्यूडी और सीटीओ की कमेटी गठित कर जांच करने के आदेश दे दिए। इसी क्रम में आरईएस और यूपीएसआईसी पर भी गोशालाओं के निर्माण के टेंडर न कराने पर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में डीएम अपूर्वा दुबे, सीडीओ सत्य प्रकाश, एडीएम लालता प्रसाद शाक्य, एडीएम विनीता सिंह और तीनों तहसीलों के एसडीएम के साथ समस्त विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
पुरुष और महिला अस्पताल का किया निरीक्षण
बैठक के बाद मंडलायुक्त महिला व पुरुष अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने नवनिर्मित ऑक्सीजन प्लांट को देखा, प्लांट में प्रशिक्षित तकनीक सहायक रखे जाने को कहा। महिला अस्पताल में जनरल वार्ड, बाल रोग विभाग, लेबर रूम, एमएनसीयू और एसएनसीयू देखा।
मेडिकल कॉलेज भी पहुंचे
मंडलायुक्त निर्माणाधीन मेडिकल कालेज अल्लीपुर भी पहुंचे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में जल संरक्षण के लिए सोख्ता गड्ढा, जलनिकासी, सीवरेज लाइन आदि मूलभूत सुविधाएं का ध्यान रखने को कहा। कहा कि लैब के निर्माण के दौरान प्रोफेसर की सलाह जरूर ली जाए।