फतेहपुर। पीसीएफ के गोदाम में यूरिया का स्टाक होने के बावजूद समितियों से किसानों को खाद नहीं मिल रही है। अधिकारी कह रहे हैं कि गोदाम में 1400 मीट्रिक टन यूरिया रखी है। सचिव भुगतान करें और खाद तुरंत ले जाएं। वहीं, सचिवों का कहना है कि यूरिया का भुगतान जमा होने के बाद भी समिति में खाद नहीं आ रही है। धान की फसल में छिड़काव के लिए किसान खाद लेने पहुंच रहे हैं लेकिन रोज समिति से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सीतापुर सहकारी समिति में तीन दिन से यूरिया नहीं है। किसान यूरिया लेने आते हैं और लौट जाते हैं। सचिव त्रिभुवन मौर्य का कहना है कि सीतापुर और बहरामपुर सहकारी समिति का चार्ज है। दोनों समितियों के लिए यूरिया के रुपये जमा हैं। अभी तक खाद नहीं आई है। बहरामपुर में तो 20 बोरी यूरिया है, लेकिन सीतापुर में नहीं है। किसान लौट रहे हैं।
वहीं, टेक्सारी बुजुर्ग साधन सहकारी समिति में 15 दिन से यूरिया, डीएपी नहीं है। धान की फसल में छिड़काव करने वाले किसान यूरिया लेने आ रहे हैं। समिति में खाद जब नहीं मिलती तो प्राइवेट बाजार से महंगे दाम पर खरीदने को मजबूर हैं। सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि यूरिया के रुपये जमा हैं। खाद आने का इंतजार है। अधिकारी कह रहे हैं कि एक-दो दिन में खाद पहुंच जाएगी।
असोथर सहकारी समिति में 15 दिन से यूरिया नहीं है। यहां के किसान प्राइवेट दुकानों से 267 रुपये बोरी वाली यूरिया को 280 रुपये की खरीद रहे हैं। समिति के सचिव मृदुल तिवारी का कहना है कि जुलाई में यूरिया आई थी। 31 जुलाई से पहले खत्म हो गई। फिर रुपया जमा करके यूरिया की डिमांड कर दी गई है, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी अभी तक यूरिया नहीं आई है।