डीएम राजीव रौतेला ने निचली गंगा नहर के अधिशासी
अभियंता की कार्य प्रणाली पर उन्हें फटकार लगाई। साथ ही एलजीसी व जरौली पंप
कैनाल से नहर में टेल तक पानी पहुंचाने का निर्देश दिया। रामगंगा नहर,
नलकूप खंड, लघु सिंचाई व लघुडाल नहर के अधिकारियों से भी उनसे जुड़े काम की
समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में सिंचाई
विभाग के अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें सूखा की मार से जूझ रहे किसानों की
समस्याओं पर कहा कि खेत सूखे पड़े हैं।
किसानों को फसल सिंचाई व खेत में
पलेवा के लिए पानी की सख्त जरूरत है। इसलिए सिंचाई विभाग के अधिकारी अपने
दायित्वों का निर्वाहन करें।
एलजीसी के अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता से
डीएम ने कहा कि निचली गंगा नहर के नौरैया खेड़ा, हलुआ खाड़ा रजबहा, गुजैनी
स्केप, मीन नंबर-10, विधुनू मील नंबर 19.5 से लेकर बहुआ झाल, कोठी,
बड़ागांव, गाजीपुर, मुत्तौर रजबहा और जरौली पंप कैनाल के सभी रजबहों की टेल
तक पानी पहुंचाने का प्रबंध करें।
उन्होंने कहा कि नौरैयाखेड़ा के
रेगुलेटरों में अपने कर्चचारियों से लगातार निगरानी कराएं, जिससे जिले की
नहर को मिलने वाला पानी हर हाल में किसानों को मिल सके।
रामगंगा नहर के
अधिशासी अभियंता ओपी चौधरी को निर्देश दिया कि रामगंगा के नहर व रजबहों
में टेल तक पानी पहुंचे, जिससे किसानों को सूखा में पानी की कमी न महसूस
हो।
इसी प्रकार नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता एके सिंह को बहादुरपुर,
दपसौरा, गलाथा, पथरी और भिटौरा पंप कैनाल व नलकूपों को चलाया जाए। तकनीकि व
बिजली के अभाव से बंद नलकूपों को तत्काल सही कराया जाए।
वहीं बिजली विभाग
के दोनों डिवीजन के अधिशासी अभियंता को सख्त निर्देश दिया कि ग्रामीण
क्षेत्र में निर्धारित रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति दी जाए।
जिन
किसानों ने निजी नलकूप कनेक्शन का पैसा जमा किया है, उनको सामान दिलाया
जाए। इस मौके पर सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारी व प्रगतिशील किसान लोकनाथ
पांडेय आदि रहे।