मां के चरणों में सिर झुकाकर शेरावाली की कृपा पाने
को श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बन रहा है। नवरात्र में मइया भी आने
वाले भक्त को अपने प्यार दुलार से निहाल कर रही हैं। जो भी मां जगदंबा के
दरबार में पहुंच रहा है वह खाली हाथ नहीं लौट रहा। नवरात्र में मां के
तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की भक्तों ने पूजा अर्चना की।
गुरुवार को भक्त
देवी मां के तृतीय स्वरूप चंद्रघंटा की आराधना की। जिनके सिख में चंद्रमा
स्थित हैं और हाथों में घंटा हैं उनका नाम चंद्रघंटा हैं।
भक्तों ने मां को
गंगा जल से स्नान कराया फिर चमेली का तेल लगाकर गुलाब के फूलों की माला
अर्पण की। भक्तों ने ओम चंद्रघटा देव्यै नम: मंत्रोच्चारण के साथ काजू और
पिस्ता का भोग लगाकर मां को प्रसन्न किया।
इसके बाद या देवी सर्वभूतेषु
शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम: मंत्र का
जाप कर मां को लाल चुनरी ओढ़ाई और आभूषण आदि से श्रृंगार किया। मां ने भी
भक्तों की पुकार सुनी और अपना आशीर्वाद दिया।
शहर और ग्रामीणांचलों में जगह
जगह सजे मां शेरावाली के भव्य पांडाल में पहुंचकर भक्त मां के जयकारे लगा
रहे हैं। शहर के पक्का तालाब में मां का भव्य पांडाल सजाया गया है।
यहां
रंग बिंरगी झालरों और बल्ब से सजावट करके मां के दरबार को भव्यता प्रदान की
गई है। इसी प्रकार मुराइनटोला हनुमान मंदिर, आईटीआई रोड, देवीगंज, अशोक
नगर, कलक्टरगंज, ज्वालागंज, आबूनगर, वर्मा चौराहा, कृष्ण बिहारी नगर, आवास
विकास, शांतीनगर आदि इलाकों में सजे दुर्गा पांडाल में सुबह और शाम आरती
में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है।