फतेहपुर। धान की खरीद बंद हुए तीन महीना बीत चुका है, लेकिन केंद्र प्रभारियों ने अनुबंधित राइस मिलों में धान नहीं पहुंचाया। आंकड़ों के अनुसार 37.69 लाख रुपये का धान गायब है। राइस मिलर्स भी केंद्र प्रभारियों से धान न मिलने की बात कर रहे हैं, जिस कारण एफसीआई गोदाम में चावल नहीं पहुंच रहा है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने तीन केंद्र प्रभारियों को नोटिस जारी किया है। 10 जून तक अनुबंधित राइस मिल में धान पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी धान खरीद के लिए खोले गए क्रय केंद्र 28 फरवरी से बंद हैं। इसके बाद जिन क्रय केंद्रों में धान पड़ा है, उसे अनुबंध की गई राइस मिल में पहुंचाने के बार-बार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद पीसीएफ के क्रय केंद्र साधन सहकारी समिति लिमिटेड सातो जोगा, अंजना भैरव, सिठौरा में खरीदा गया धान अभी तक नहीं पहुंचा है।
इसमें सातो जोगा क्रय केंद्र से 743 क्विंटल धान नहीं भेजा गया है। इसी प्रकार साधन सहकारी समिति अंजना भैरव और सिठौरा क्रय केंद्र से करीब 600-600 क्विंटल धान गायब है।
नोडल से लेकर विभागीय अधिकारी अपने अधीनस्थों को राइस मिल में धान जमा कराने का बार-बार नोटिस भेज रहे हैं।
इसके लिए पहले 23 मई और 25 मई को केंद्र प्रभारियों को नोटिस भेजा गया था। फिर भी पूरा धान क्रय केंद्र न पहुंचाए जाने पर बुधवार को तीन केंद्र प्रभारियों को नोटिस भेजा गया है। 10 जून तक राइस मिल में धान न पहुंचाए जाने पर केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी धान खरीद के लिए संस्था का चयन किया जाता है। खरीदे गए धान की कुटाई करने के लिए राइस मिलर्स से अनुबंध किया जाता है। अनुबंध में केंद्र प्रभारी एक क्विंटल धान मिलर्स को देते हैं तो एफसीआई गोदाम में 67 किलो चावल मिलर्स को जमा कराना होता है। इसकी ऑनलाइन फीडिंग होती है। ताकि पता चल सके केंद्र प्रभारी ने मिलर्स को कितना धान दिया और मिलर्स ने एफसीआई गोदाम में कितना चावल भेजा है।
केंद्र प्रभारियों को खरीदे गए धान को मिलर्स को देकर एफसीआई गोदाम में चावल पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। मिलर्स के गोदाम में चावल पहुंचाने के आधार पर ही ऑनलाइन धान रिसीव होता है। इसलिए शेष धान केंद्र प्रभारियों से रिसीव नहीं हो सका। अगले सप्ताह तक बकाया धान मिलर्स को रिसीव कराने और चावल गोदाम में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
- अविनाश झा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी