खखरेरू। नौ सितंबर को पौली गांव में हुई गोकशी की घटना में पुलिस ने ग्राम प्रधान नफीस अहमद को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने नफीस पर गोकशी कराने, आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
खखरेरू थानाक्षेत्र के पौली गांव में नौ सितंबर को गोकशी हुई थी। उस समय तत्कालीन इंस्पेक्टर दीपनारायण सरोज थे। गोकशी करने वाले आरोपियों को पुलिस पकड़ कर थाने लाई थी और इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। शिकायत पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने जब इसकी जांच कराई तो शिकायत सही मिली। एसपी ने गोकशी कराने के आरोप में दो उप निरीक्षक व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया था।
जबकि इंस्पेक्टर के खिलाफ हुई जांच में वह दोषी मिले थे। इस पर एसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था। विभागीय जांच अभी चल रही है। सप्ताह भर पहले सोशल मीडिया में एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें गोकशी में जेल गए एक आरोपी के परिजन, ग्राम प्रधान पौली नफीस अहमद से बात कर रहे थे।
बातचीत में प्रधान द्वारा गोकशी के बारे में जानकारी होने, आरोपी के परिवार से 40 हजार रुपये लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में एसएसआई प्रदीप यादव ने सोमवार को प्रधान नफीस अहमद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एसएसआई ने बताया कि प्रधान नफीस ही गांव में अपनी देखरेख में गोकशी करा रहा था, इसके ठोस प्रमाण भी मिले हैं।