फतेहपुर। दहेज में दो लाख की मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालीजनों ने विवाहिता को जलाकर मार दिया था। मृतका के पिता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पास्को प्रथम की अदालत ने आरोपी को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
मलवां के दावतपुर गांव निवासी सोमदत्त तिवारी ने बेटी रचना की शादी 2 जून 2009 को हुसेनगंज के लालीपुर निवासी धर्मेंद्र अवस्थी से की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन रचना पर मायके से दो लाख रुपए दिलाने का दबाव बना रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर 15 जून 2016 को पति धर्मेंद्र, सास श्यामा अवस्थी, ननद गीता देवी, सीता और रिश्तेदार राघव ने उसे पीटा। जिसकी सूचना रचना ने पिता को फोन से दी थी।
शाम को पड़ोसियों से पिता को सूचना मिली कि रचना को जलाकर मार दिया गया है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास, ननद, व रिश्तेदार के विरुद्घ दहेज हत्या का मुकदमा लिखवाया था। विवेचना में ननद गीता, सीता व राघव का नाम पुलिस ने बाहर कर दिया।
सुनवाई के दौरान सास श्यामा अवस्थी की भी मौत हो गई। मामले में अदालत के समक्ष सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया और पूर्व बार महामंत्री मणि प्रकाश दुबे ने गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके आधार पर अपर जिला जज संजय कुमार सिंह की अदालत ने मृतका के पति धर्मेंद्र को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया है।